Uttar Pradesh

बजट सत्र में योगी की घोषणा…हर न्याय पंचायत में डिजिटल उद्यमी व महिलाओं के लिए नया बाजार मॉडल

गांव, मातृशक्ति और किसानों पर फोकस, सुरक्षित प्रसव से लेकर कृषि निर्यात तक कई योजनाएं लागू होंगीं

लखनऊ, 20 फरवरी 2026:

विधानसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई अहम योजनाओं का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस गांवों को डिजिटल रूप से मजबूत करने, महिलाओं को आर्थिक ताकत देने और किसानों की आय बढ़ाने पर है।

हर न्याय पंचायत में बनेंगे डिजिटल उद्यमी

मुख्यमंत्री ने डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना की घोषणा करते हुए बताया कि प्रदेश की 8000 न्याय पंचायतों में डिजिटल उद्यमियों का चयन किया जाएगा। इनमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी, जो उसी क्षेत्र की बेटियां और बहुएं होंगी। चयनित उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए गांवों के उत्पादों को ऑनलाइन बाजार से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय कारोबार को नई पहचान मिलेगी।

महिला उद्यमियों के लिए विशेष विपणन केंद्र

सरकार ने मातृशक्ति को समर्पित महिला उद्यमी उत्पाद विपणन केंद्र शुरू करने की भी घोषणा की। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब एक करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, लेकिन उनके उत्पादों को बाजार नहीं मिल पाता। अब न्याय पंचायत स्तर पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे, जहां महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री होगी। यह योजना डिजिटल इंटरप्रेन्योर मॉडल से भी जुड़ी रहेगी।

सुरक्षित प्रसव के लिए 1000 करोड़ की व्यवस्था

स्वास्थ्य क्षेत्र पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल लगभग 60 लाख सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों को प्रोत्साहन भी दिया जाएगा, ताकि मातृ और शिशु मृत्यु दर में और कमी लाई जा सके।

किसानों के लिए निर्यात और सिंचाई पर जोर

किसानों को लेकर सरकार ने कृषि एक्सपोर्ट सपोर्ट मिशन की घोषणा की है, जिसके लिए शुरुआती चरण में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मकसद यूपी के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 लाख ट्यूबवेल किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिस पर सरकार हर साल करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। साथ ही जिन किसानों के ट्यूबवेल अभी डीजल से चलते हैं, उन्हें सोलर पैनल देने की योजना लाई जा रही है, जिसके लिए 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

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