लखनऊ, 20 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने की तैयारी में है। बजट 2026-27 में सरकार ने आईटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उभरती तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। इन योजनाओं का मकसद प्रदेश को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना और नवाचार का बड़ा केंद्र तैयार करना है।
बजट में इंडिया एआई मिशन और इंडिया एआई डेटा लैब के साथ प्रदेश स्तर पर यूपी एआई मिशन शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके जरिए शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। इससे सरकारी कामकाज ज्यादा तेज, पारदर्शी और असरदार होने की उम्मीद है।
प्रदेश में उत्तर प्रदेश स्टेट डेटा सेंटर और डेटा सेंटर क्लस्टर को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार की योजना सुरक्षित डेटा स्टोरेज और क्लाउड सेवाओं के लिए यूपी को बड़ा हब बनाने की है, जिससे डिजिटल सेवाओं का दायरा और बढ़ेगा। लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर में यू हब स्थापित किए जाएंगे, जहां स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। इन केंद्रों पर युवाओं को आधुनिक तकनीकी संसाधन, मार्गदर्शन और निवेश के मौके मिलेंगे। टेक युवा समर्थ युवा योजना के तहत तकनीकी कौशल रखने वाले युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी है।

डिजिटल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए साइबर सिक्योरिटी सिस्टम को भी मजबूत किया जा रहा है। यूपी स्टेटवाइड एरिया नेटवर्क-3 के विस्तार से जिला और तहसील स्तर तक ऑनलाइन सेवाएं तेज और बेहतर तरीके से पहुंच सकेंगी। इससे आम लोगों को सरकारी सेवाएं पाने में आसानी होगी।
तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए नए पॉलिटेक्निक संस्थान खोले जाएंगे और मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। उभरती टेक्नोलॉजी मिशन के तहत रोबोटिक्स, ड्रोन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों में रिसर्च और ट्रेनिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही आकाशीय बिजली से बचाव और समय रहते चेतावनी देने के लिए सैटेलाइट पेलोड और सेंसर सिस्टम विकसित करने की योजना भी शामिल है। सरकार का मानना है कि विज्ञान आधारित सोच को बढ़ावा देकर विकास की रफ्तार और तेज की जा सकती है।






