लखनऊ, 6 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग ने आज विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची सार्वजनिक कर दी है। इस सूची के अनुसार प्रदेशभर में 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। वर्तमान में यूपी में कुल मतदाताओं की संख्या 12 करोड़ 55 लाख से अधिक बताई जा रही है। आयोग के आंकड़ों के मुताबिक एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कुल 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 फॉर्म प्राप्त हुए, जिनमें से 81.30 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने फॉर्म भरकर सत्यापन कराया, जबकि 18.70 प्रतिशत मतदाता इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके।
मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट नाम
निर्वाचन आयोग के अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि ड्राफ्ट सूची के अनुसार प्रदेश में 2.17 करोड़ मतदाता ऐसे हैं जो स्थानांतरित पाए गए, जबकि 46.23 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा 25.46 लाख डुप्लीकेट मतदाता, 83.73 लाख अनुपस्थित मतदाता और 9.57 लाख अन्य श्रेणी के मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए जाएंगे। आयोग की ओर से 1.4 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा, जिन्हें मान्य 13 दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत कर अपना नाम दोबारा दर्ज कराना होगा। अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को प्रकाशित की जाएगी।
लखनऊ से लेकर प्रयागराज तक भारी कटौती
राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक मतदाताओं के नाम कटे हैं। यहां 30.04 प्रतिशत मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं, जिसकी संख्या 12 लाख 138 बताई गई है। बरेली जिले में एसआईआर से पहले 34 लाख 7 हजार 576 मतदाता थे, लेकिन प्रक्रिया के बाद 7 लाख 16 हजार 509 नाम कम हो गए। आजमगढ़ में भी एसआईआर का कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है, जहां 5 लाख 96 हजार 36 मतदाता घट जाएंगे।
पश्चिमी यूपी और पूर्वांचल में भी असर
मेरठ में सातों विधानसभा क्षेत्रों की ड्राफ्ट सूची जारी कर दी गई है। यहां करीब 2 लाख 75 हजार मतदाताओं के नाम सूची से हटे हैं। जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह ने बताया कि अगर किसी का नाम छूट गया है तो वह फॉर्म 6 भरकर जुड़ सकता है। वर्तमान में मेरठ में करीब 20 लाख 34 हजार मतदाता हैं। वाराणसी में आठ विधानसभा क्षेत्रों में 5 लाख 73 हजार 208 मतदाताओं के नाम कटे हैं, जबकि प्रयागराज में करीब 11 लाख नाम हटाए गए हैं। गाजियाबाद में 8 लाख 39 हजार 142 मतदाता सत्यापन न होने के कारण सूची से बाहर हो गए, जो कुल मतदाताओं का 29.57 प्रतिशत है।
आगरा में भी करीब 10 लाख नाम हटे
आगरा में 2025 की मतदाता सूची के अनुसार 36.71 लाख मतदाता थे, लेकिन एसआईआर के बाद यह संख्या घटकर 27.63 लाख रह गई है। यानी यहां 9.8 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियों के लिए एक महीने का समय दिया है, ताकि योग्य मतदाता दोबारा अपना नाम जुड़वा सकें।
नाम नहीं है तो अभी भी मौका
अगर किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है तो वह फॉर्म 6 भरकर नाम जुड़वा सकता है। मतदाता सूची में नाम या फोटो में सुधार के लिए फॉर्म 8, मृत्यु की सूचना के लिए फॉर्म 7 और विदेश में रहने वाले भारतीय फॉर्म 6A भर सकते हैं। 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष पूरे करने वाले और अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूरे करने वाले युवा भी फॉर्म 6 भर सकते हैं, हालांकि कम उम्र वालों का नाम 6 मार्च की अंतिम सूची में शामिल नहीं होगा। मतदाता अपना नाम ऑनलाइन भी जांच सकते हैं।






