लखनऊ, 9 मार्च 2026:
उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा को सुरक्षित और बेहतर बनाने की कड़ी में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डनों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इससे यहां रहने वाली छात्राओं के लिए सुरक्षित, अनुशासित और प्रेरक माहौल तैयार हो सकेगा। प्रशिक्षण प्रतापगढ़, गाजियाबाद और अयोध्या में चल रहा है।
कार्यक्रम में छात्रावास प्रबंधन, बालिका सुरक्षा और नेतृत्व क्षमता जैसे अहम विषयों पर वार्डनों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन और भारत सरकार के सहयोग से कराया जा रहा है, ताकि छात्रावासों का माहौल और अधिक सुरक्षित व संवेदनशील बनाया जा सके।
प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में वार्डनों की भूमिका, जिम्मेदारियों और छात्रावास प्रबंधन से जुड़े अहम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान शिक्षा मंत्रालय से अंडर सेक्रेटरी रामनिवास ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सिर्फ पढ़ाई के केंद्र नहीं हैं, बल्कि उन बेटियों के लिए उम्मीद का दरवाजा हैं जो सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आती हैं।
उन्होंने बताया कि वार्डन छात्राओं के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में यह प्रशिक्षण उनकी नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन कौशल और बालिका सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता को और मजबूत करेगा।
प्रशिक्षण सत्र में एनआईईपीए की ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सांत्वना मिश्रा और उनकी टीम भी शामिल हुई। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान वार्डनों को बालिका सुरक्षा, बाल संरक्षण, जीवन कौशल, नेतृत्व विकास, काउंसलिंग, मानसिक और सामाजिक सहयोग, छात्रावास प्रबंधन तथा संवेदनशील स्कूल माहौल तैयार करने जैसे विषयों पर व्यावहारिक तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण अलग-अलग बैच में आयोजित किया जा रहा है। गाजियाबाद और अयोध्या में पहला बैच 9 मार्च से 13 मार्च, इसके बाद 16 से 20 मार्च, 23 से 27 मार्च और 28 मार्च से 1 अप्रैल तक अगले बैच आयोजित किए जाएंगे।






