Uttar Pradesh

पूर्व खिलाड़ियों को UP सरकार का बड़ा सम्मान, हर महीने खाते में पहुंच रही आर्थिक सहायता

अर्जुन, द्रोणाचार्य, ध्यानचंद और खेल रत्न पुरस्कार विजेताओं को 20 हजार रुपये प्रतिमाह, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अन्य खिलाड़ियों को भी मिल रहा लाभ

लखनऊ, 11 जुलाई 2026:

यूपी सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के साथ प्रदेश का नाम रोशन कर चुके पूर्व खिलाड़ियों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है। इसी दिशा में खेल विभाग की भूतपूर्व खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता योजना उनके लिए मजबूत सहारा बनकर सामने आई है। वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 223 भूतपूर्व खिलाड़ियों को इस योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इससे खिलाड़ियों को आर्थिक संबल मिलने के साथ उनके खेल योगदान का सम्मान भी सुनिश्चित हो रहा है।

इस योजना के तहत अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, ध्यानचंद पुरस्कार, खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों तथा खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के आधार पर पद्मश्री और पद्मभूषण सम्मान प्राप्त खिलाड़ियों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है। इन श्रेणी के खिलाड़ियों के लिए किसी प्रकार की आय सीमा निर्धारित नहीं है।

वर्ष 2025-26 में 52 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं, 9 द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं, 5 ध्यानचंद पुरस्कार विजेताओं और 2 पद्मश्री सम्मानित खिलाड़ियों को प्रतिमाह 20-20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई। सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानजनक आर्थिक सहयोग देना है।

इस योजना का दायरा राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं तक सीमित नहीं है। प्रदेश सरकार ने राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को भी इसमें शामिल किया है। इसके तहत 126 राज्य स्तरीय खिलाड़ियों को प्रतिमाह 4 हजार रुपये, 24 राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 6 हजार रुपये और 5 अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

UP Govt Honors Former Players with Financial Aid (1)

राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए मासिक आय 20 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा उनका प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है। योजना का संचालन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। खेल विभाग जिलों के खेल अधिकारियों को धनराशि उपलब्ध कराता है। इसके बाद लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे राशि हस्तांतरित की जाती है।

इस योजना में एथलेटिक्स, हॉकी, क्रिकेट, कुश्ती, बॉक्सिंग, फुटबॉल, बैडमिंटन, शूटिंग, तैराकी, तीरंदाजी, टेबल टेनिस, कबड्डी, जिम्नास्टिक, ताइक्वांडो, वुशू, नेटबाल, तलवारबाजी सहित 31 खेलों को शामिल किया गया है।

यूपी के खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि सरकार खिलाड़ियों के सम्मान, कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विभाग पूरी पारदर्शिता से योजना संचालित कर रहा और पात्र खिलाड़ियों के खातों में हर महीने सीधे सहायता राशि भेजी जा रही है। डॉ. सिंह के मुताबिक सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र भूतपूर्व खिलाड़ी इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। यह योजना खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के साथ प्रदेश में खेल संस्कृति को भी मजबूती दे रही है।

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