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खेती, उद्योग और शहरों के लिए काम आएगा अब वेस्ट वॉटर, यूपी सरकार ने बनाया ये मास्टर प्लान

यूपी सरकार ने 2035 तक 100 प्रतिशत वेस्ट वॉटर के सुरक्षित पुनः उपयोग का लक्ष्य तय किया है, जिससे जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सतत विकास को मजबूती मिलेगी

लखनऊ, 31 दिसंबर 2025:

उत्तर प्रदेश को जल सुरक्षा और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल शुरू की जा रही है। राज्य सरकार ने साफ लक्ष्य तय किया है कि वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत और 2035 तक 100 प्रतिशत वेस्ट वॉटर का सुरक्षित पुनः उपयोग किया जाएगा। इस उपचारित पानी का इस्तेमाल कृषि, उद्योग और गैर-पेय जरूरतों के लिए किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने विस्तृत नीति, चरणबद्ध योजना और मजबूत कार्य प्रणाली तैयार की है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल प्रबंधन की नींव रखेगी।

सीएम योगी के विजन के तहत वेस्ट वॉटर को अब बेकार पानी नहीं, बल्कि उपयोगी संसाधन के रूप में देखा जा रहा है। राज्य सरकार की नीति के अनुसार उपचारित जल का इस्तेमाल नगर निकायों के कार्यों, उद्योगों, खेती और घरेलू गैर-पेय जरूरतों में किया जाएगा। इससे भूजल पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संतुलन भी मजबूत बनेगा। सरकार का मानना है कि सही प्रबंधन से पानी की कमी की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक जोगिन्दर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नदियों के संरक्षण के साथ-साथ वेस्ट वॉटर प्रबंधन पर भी तेजी से काम हो रहा है। इसके लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है। पहले चरण (2025 से 2030) में जहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और संग्रहण की व्यवस्था पहले से है, वहां 50 प्रतिशत वेस्ट वॉटर के पुनः उपयोग का लक्ष्य रखा गया है। दूसरे चरण (2030 से 2035) में इन क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाकर 100 प्रतिशत वेस्ट वॉटर के उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा। तीसरे चरण में, वर्ष 2045 तक, जहां अभी उपचार और संग्रहण की सुविधा नहीं है, वहां पहले 30 प्रतिशत, फिर 50 प्रतिशत और अंत में 100 प्रतिशत वेस्ट वॉटर उपयोग की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

योगी सरकार की इस नीति का मुख्य उद्देश्य जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम करना, पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में संतुलित विकास को बढ़ावा देना है। यह योजना पर्यावरण के लिए तो लाभकारी है ही, साथ ही इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी लंबे समय में फायदा होगा। उद्योगों और खेती में उपचारित पानी के उपयोग से प्राकृतिक जल स्रोतों की रक्षा हो सकेगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शहरी, ग्रामीण और गैर-पेय उपयोग के लिए अलग-अलग योजनाएं तैयार की जा रही हैं। जल संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी इस योजना से जोड़ा गया है। राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश जल प्रबंधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण बनकर उभर रहा है। आने वाले वर्षों में यह मॉडल पूरे देश के लिए मार्गदर्शक साबित हो सकता है।

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