UP में 8 साल से वेतन को तरस रहे पैक्स कर्मी: संजय सिंह ने योगी सरकार को घेरा, 9 अक्टूबर को लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन
AAP सांसद ने कहा- 9 लाख करोड़ के बजट वाले यूपी में कर्मचारियों के लिए 313 करोड़ नहीं, सहकारी समिति कर्मचारियों का बकाया वेतन तुरंत जारी करने की मांग, वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग के खिलाफ भी प्रदर्शन का ऐलान

लखनऊ, 7 अक्टूबर 2026:
यूपी में प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (PACS) के कर्मचारियों के आठ साल से लंबित वेतन का मुद्दा बुधवार को सियासी बहस के केंद्र में आ गया। आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखनऊ स्थित पार्टी दफ्तर में प्रेस वार्ता कर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हजारों सहकारी समितियों में काम करने वाले कर्मचारी वर्षों से वेतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही।
संजय सिंह ने दावा किया कि प्रदेश में 7,266 PACS समितियां हैं। इनमें करीब 5,127 समितियों के सचिव, अकाउंटेंट और चौकीदारों को पिछले आठ वर्षों से नियमित वेतन नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 2018-19 से लगातार सरकार को बजट जारी करने के लिए पत्र लिखे जा रहे हैं। अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनके मुताबिक करीब 313 करोड़ की जरूरत है जबकि प्रदेश का बजट लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ‘सहकार से समृद्धि’ और पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की बात करती है लेकिन जमीनी स्थिति यह है कि कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण कड़ी PACS के कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। संजय सिंह ने ऐलान किया कि आम आदमी पार्टी सहकारी समिति कर्मचारियों के आंदोलन का पूरा समर्थन करेगी और इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाएगी।
कर्मचारी प्रतिनिधि शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि प्रदेश के 2,002 कैडर सचिवों में से 1,223 को नियमित वेतन नहीं मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि सहकारिता मंत्री के गृह जनपद में भी करीब 1.80 करोड़ का वेतन बकाया है। न्यायालय के आदेशों के बावजूद भुगतान नहीं होने और नौ साल की सेवा के बाद कैडर सचिवों की एडीओ पद पर प्रस्तावित पदोन्नति रोके जाने का आरोप भी लगाया।
9 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदर्शन
संजय सिंह ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भी सरकार और चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर करोड़ों मतदाताओं के नाम काटे जाने की कोशिश की गई। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी 9 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदेशव्यापी बड़ा प्रदर्शन करेगी।
उत्तर प्रदेश कार्यालय लखनऊ से महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता। https://t.co/8zc95G8HZK
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) October 7, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए संजय सिंह ने बेरोजगारी, पेपर लीक, महंगाई और कथित नफरत की राजनीति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा अपनी लोकप्रियता को लेकर आश्वस्त है तो बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती स्वीकार करे।
प्रेस वार्ता में संजय सिंह ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर कथित ड्रग्स बरामदगी और जहरीली शराब से हुई मौतों का मुद्दा भी उठाया। इसके साथ ही लखनऊ में बाढ़ की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने सरकार से तत्काल राहत पैकेज और तेज बचाव अभियान चलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि AAP कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य में जुटे हैं।






