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ओडीओसी : हर जिले का खास व्यंजन बनेगा ब्रांड…पूरी दुनिया चखेगी स्वाद

ओडीओपी की तर्ज पर शुरू हुई ‘एक जनपद एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना, आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा और काशी की मलइयो को मिलेगी नई पहचान

लखनऊ, 24 जनवरी 2026:

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के पारंपरिक और मशहूर व्यंजनों को देश और दुनिया तक पहुंचाने के लिए ‘एक जनपद एक व्यंजन’ यानी ओडीओसी योजना शुरू की है। यह पहल ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना की तर्ज पर की गई है, ताकि यूपी के हर जिले की खास मिठाई और खानपान को नई पहचान मिल सके।

सरकार का मानना है कि ओडीओपी से स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्योगों को जो फायदा मिला, वही मॉडल अब खाने के कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी काम करेगा। ओडीओसी के जरिए हलवाई, छोटे फूड कारोबारियों, पारंपरिक वेंडर्स और एमएसएमई सेक्टर को नया बाजार मिलेगा। इससे रोजगार बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

हर जिले से चुना जाएगा एक खास व्यंजन

ओडीओसी के तहत प्रदेश के हर जिले से एक ऐसा व्यंजन चुना जाएगा, जिसकी पहचान पुरानी हो और जो वहां की परंपरा से जुड़ा हो। इसके बाद उस व्यंजन को बेहतर तरीके से पेश करने के लिए गुणवत्ता तय की जाएगी, पैकेजिंग सुधारी जाएगी और ब्रांडिंग पर काम होगा।

योजना में स्थानीय हलवाई और व्यंजन बनाने वालों का पंजीकरण भी कराया जाएगा, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ा जा सके। सरकार का फोकस इस बात पर है कि व्यंजन का स्वाद और गुणवत्ता हर जगह एक जैसी रहे, ताकि लोगों का भरोसा बना रहे।

पैकेजिंग और ऑनलाइन बिक्री पर भी तैयारी

योजना के तहत पैकेजिंग और शेल्फ लाइफ बढ़ाने पर खास काम होगा। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के सहयोग से फूड पैकेजिंग, सुरक्षित परिवहन और जरूरी ट्रेनिंग की व्यवस्था की जाएगी।

स्थानीय उद्यमियों को एफएसएसएआई सर्टिफिकेशन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पारंपरिक फूड वेंडर्स को ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी भी है, ताकि यूपी के स्वाद को सीधे बड़े बाजार तक पहुंचाया जा सके। इसके साथ चयनित व्यंजनों की जीआई टैगिंग पर भी जोर रहेगा, जिससे उनकी असली पहचान बनी रहे।

पर्यटन स्थलों पर दिखेगा यूपी का स्वाद

ओडीओसी को पर्यटन से जोड़ने की भी योजना है। प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक जगहों और बड़े आयोजनों में ओडीओसी फूड स्टॉल लगाए जाएंगे। इससे पर्यटक एक ही जगह पर यूपी के अलग अलग जिलों के स्वाद चख सकेंगे। इससे स्थानीय कारोबारियों की बिक्री बढ़ेगी और यूपी के व्यंजनों की पहचान भी मजबूत होगी।

पेठा, पेड़ा और मलइयो तक, हर स्वाद को मिलेगा मंच

उत्तर प्रदेश का लगभग हर जिला किसी न किसी खास व्यंजन के लिए जाना जाता है। आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा, अयोध्या का पेड़ा, अलीगढ़ (इगलास) का चमचम, बाराबंकी की चंद्रकला, पूर्वांचल का बाटी चोखा और लिट्टी चोखा, लखनऊ की रेवड़ी और मलाई मक्खन, काशी की लौंगलता और मलइयो, संडीला (हरदोई) के लड्डू और कानपुर के समोसे जैसे कई व्यंजन अपने शहर में तो बेहद लोकप्रिय हैं, लेकिन राज्य और देश के बाहर इनकी पहचान सीमित है।

ओडीओसी के जरिए सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के 75 जिलों के पारंपरिक व्यंजन एक मजबूत ब्रांड के रूप में सामने आएं और यूपी का स्वाद दुनिया तक पहुंचे।

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