लखनऊ, 4 मार्च 2026:
उत्तर प्रदेश में खरीफ खरीद सत्र 2025-26 के तहत धान खरीदने की प्रक्रिया ने नया इतिहास रच दिया है। किसान हितैषी नीतियों के दम पर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने तय लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीद की है। सरकार ने इस सत्र के लिए 60 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया था जिसे सफलतापूर्वक पार कर लिया गया।
प्रदेश के 4869 क्रय केंद्रों के माध्यम से 10.53 लाख किसानों से 62,30,735.63 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। धान की खरीद कॉमन श्रेणी में 2369 रुपये और ग्रेड-ए में 2389 रुपये प्रति कुंतल की दर से की गई। इसके एवज में किसानों को अब तक 14,886.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीबीटी के माध्यम से 48 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित किया गया, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और किसानों को समय पर उनकी उपज का मूल्य मिला।
इस वर्ष 12,82,892 किसानों ने धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराया। खाद्य एवं रसद विभाग ने ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण प्रणाली लागू कर प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभागों सहित हरदोई, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में 31 जनवरी तक, जबकि अन्य संभागों में 28 फरवरी तक खरीद प्रक्रिया संचालित की गई।
पिछले वर्ष 2024-25 में 7.97 लाख किसानों से 57.70 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। इसके एवज में 13,370.17 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था। इस बार किसानों की संख्या, खरीद मात्रा और भुगतान तीनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि प्रदेश में कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण और किसानों के भरोसे को दर्शाती है।






