पैरा खिलाड़ियों की चमक से गूंजा UP का नाम, योगी ने स्वाति चौधरी, सुवर्णा और सुहास को दी बधाई
एशियन पैरा गेम्स-2026 में तीरंदाजी में रजत, डिस्कस थ्रो में स्वर्ण और पैरा-बैडमिंटन में कांस्य पदक जीतने वालों का सीएम ने बढ़ाया हौसला, यूपी में खेल सुविधाओं से लेकर सरकारी नौकरी तक पर सरकार का जोर

लखनऊ, 22 अक्टूबर 2026:
एशियन पैरा गेम्स-2026 में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से देश का मान बढ़ा है। उत्तर प्रदेश की बेटी स्वाति चौधरी के साथ सुवर्णा राज और सुहास एलवाई की पदक उपलब्धियों पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खिलाड़ियों की सफलता को प्रेरणादायक बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इन उपलब्धियों के साथ प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए योगी सरकार की पहल भी चर्चा में है।
महिला W1 तीरंदाजी स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली स्वाति चौधरी को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि स्वाति की सफलता भारत के अनगिनत युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को उन पर गर्व है।
वहीं, महिलाओं की डिस्कस थ्रो F54 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली सुवर्णा राज की सराहना करते हुए योगी ने कहा कि अथक परिश्रम और अटूट संकल्प से हासिल उनकी उपलब्धि ने असंख्य बेटियों के सपनों को नई उड़ान दी है। पुरुष एकल SL4 पैरा-बैडमिंटन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले सुहास एलवाई को भी मुख्यमंत्री ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पदक दृढ़ संकल्प और मेहनत से सपनों को साकार करने की प्रेरणा देता है।
खेल सुविधाओं से प्रशिक्षण तक, मजबूत हो रहा ढांचा
योगी सरकार प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और आर्थिक सहायता पर जोर दे रही है। एक जनपद-एक खेल योजना के तहत सभी 75 जिलों में खेलो इंडिया सेंटर स्वीकृत किए गए हैं। इन केंद्रों के जरिए स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल किट और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।
लखनऊ, गोरखपुर, सैफई, फतेहपुर और सहारनपुर में संचालित पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों में 14 खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां खिलाड़ियों को मुफ्त आवास, भोजन और शिक्षा की सुविधा भी मिलती है। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को खेल शिक्षा और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

पदक विजेताओं को पुरस्कार, नौकरी के भी अवसर
सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक पर छह करोड़, रजत पर चार करोड़ और कांस्य पर दो करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि का प्रावधान किया है। लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कारों के जरिए भी उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए राजपत्रित पदों पर नियुक्ति का प्रावधान खिलाड़ियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अहम है।
एशियन पैरा गेम्स-2026 में तीरंदाजी की महिला W1 स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर उत्तर प्रदेश की बेटी स्वाति चौधरी जी को बहुत-बहुत बधाई।
उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारत के अनगिनत युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी। हम सभी को आप पर गर्व है।
उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 22, 2026
यूपी के खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह के मुताबिक गांवों में खेल मैदानों के विकास और गोरखपुर व वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों के निर्माण से खेल सुविधाओं का और विस्तार होने की उम्मीद है। खेल नीति-2023 के तहत प्रतिभाओं की पहचान, बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराएं।






