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UP में धार्मिक पर्यटन को मिल रही नई रफ्तार : नवरात्रि में देवी धामों पर उमड़ा आस्था का सैलाब

विंध्यवासिनी धाम में 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, 19 जिलों के 20 देवी स्थलों पर 83 करोड़ रुपये से हो रहा विकास, अलोपी देवी और बड़ी काली जी मंदिर में भी उमड़े श्रद्धालु

लखनऊ, 22 अक्टूबर 2026:

यूपी में देवी मंदिरों के विकास और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिल रही है। नवरात्रि के दौरान प्रदेश के प्रमुख देवी धामों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ इस बदलाव की तस्वीर पेश कर रही है। मीरजापुर के मां विंध्यवासिनी धाम में इस वर्ष 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए जबकि प्रयागराज के अलोपी देवी मंदिर और लखनऊ के बड़ी काली जी मंदिर में भी लाखों श्रद्धालु पहुंचे। प्रदेश सरकार वर्ष 2017 से देवी मंदिरों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके तहत 19 जिलों के 20 देवी स्थलों पर करीब 83 करोड़ रुपये की लागत से 22 प्रमुख परियोजनाएं शामिल की गई हैं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों के संरक्षण, विकास और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मंदिरों में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के साथ धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाया जा रहा है।
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विंध्यवासिनी धाम में 30 लाख से अधिक श्रद्धालु

मीरजापुर स्थित मां विंध्यवासिनी धाम में इस वर्ष नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी के मुताबिक पिछले वर्ष नवरात्रि में करीब 20 से 22 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे जबकि इस बार यह संख्या 30 लाख से अधिक रही। विंध्याचल धाम के साथ अष्टभुजा देवी और काली खोह मंदिर भी श्रद्धालुओं के प्रमुख आस्था केंद्र बने हुए हैं।

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अलोपी देवी मंदिर में भी बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़

प्रयागराज के मां अलोपी देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी है। वर्ष 2024 में यहां 6.25 लाख और 2025 में 11.10 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सितंबर 2026 तक करीब 4.05 लाख श्रद्धालु पहुंचे। इस वर्ष नवरात्रि में 1.60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर के पुजारी मनसुख गिरी के अनुसार नवरात्रि में प्रतिदिन 20 हजार से अधिक श्रद्धालु आते हैं। अष्टमी और नवमी पर यह संख्या 30 हजार से अधिक हो जाती है।

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लखनऊ से बांदा तक आस्था का विस्तार

प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बड़ी काली जी मंदिर में इस नवरात्रि करीब सात लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर के प्रबंधक राज सिंह के मुताबिक पर्यटन विकास के लिए सरकार ने 227.83 लाख रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की है। बांदा स्थित विंध्यवासिनी धाम में भी नवरात्रि के दौरान करीब 18 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी दी गई है। वर्ष 2010 की तुलना में यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगभग ढाई गुना बढ़ी है।
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वहीं, बलरामपुर के उतरौला क्षेत्र स्थित प्राचीन जुआ देवी मंदिर में इस वर्ष नवरात्रि के दौरान 90 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यहां वर्ष 2023 में करीब 93 हजार, 2024 में एक लाख और 2025 में लगभग 1.10 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे।

विकास परियोजनाओं से धार्मिक पर्यटन को उम्मीद

प्रदेश के प्रमुख देवी धामों के साथ क्षेत्रीय मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या धार्मिक पर्यटन के विस्तार की संभावनाओं को रेखांकित करती है। मंदिरों के संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विकास और बेहतर व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। सरकार की 83 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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