UP में 60 साल के शिक्षामित्र भी बन सकेंगे सहायक शिक्षक, 11,508 पदों की भर्ती में मिली आयु छूट
सरकार के फैसला से प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों को मिलेगा लाभ, एडेड माध्यमिक विद्यालयों की टीजीटी भर्ती में टीईटी अनिवार्य, 30 जून 2027 तक प्रमाणपत्र हासिल करने की छूट

लखनऊ, 22 अक्टूबर 2026:
यूपी में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए दो बड़े फैसले सामने आए हैं। परिषदीय विद्यालयों में चल रही 11,508 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों को आयु सीमा में छूट दी गई है। इससे 60 वर्ष तक की उम्र के शिक्षामित्र भी भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। वहीं, प्रदेश के मान्यता प्राप्त और अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (टीजीटी) भर्ती के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य कर दी गई है। हालांकि, पहली बार लागू हो रही इस अनिवार्यता के मद्देनजर अभ्यर्थियों को टीईटी पास करने के लिए अगले साल 30 जून तक का समय दिया जाएगा।
11508 पदों की भर्ती में शिक्षामित्रों को राहत
बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश जारी कर शिक्षामित्रों को आयु सीमा में छूट देने के निर्णय को वर्तमान चयन एवं नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करने को कहा है। यह भर्ती परिषद के अधीन नगर क्षेत्र के 11,508 सहायक अध्यापक पदों के लिए चल रही है। फिलहाल सामान्य अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा एक जुलाई को 21 से 40 वर्ष निर्धारित है।
शिक्षामित्रों को दी गई छूट के बाद 60 वर्ष तक की उम्र वाले अभ्यर्थी भी इस भर्ती में अवसर पा सकेंगे। सरकार ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के क्रम में लिया है। इससे पहले भी दो शिक्षक भर्तियों में शिक्षामित्रों को भारांक और आयु सीमा में छूट दी जा चुकी है। 69,000 शिक्षक भर्ती से संबंधित सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों को अगली चयन प्रक्रिया में एक और अवसर देने पर विचार करने को कहा था। इसी के क्रम में यह फैसला लिया गया है। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र इस छूट के दायरे में आ सकते हैं।
TGT भर्ती में TET पास होना जरूरी
दूसरी ओर, एडेड माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी भर्ती की अर्हता में बदलाव किया गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने संशोधित अर्हता जारी करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को आगामी भर्ती विज्ञप्ति में इसे शामिल करने के निर्देश दिए हैं। संशोधित नियमों के अनुसार अभ्यर्थी के पास संबंधित विषय में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक अथवा 45 प्रतिशत अंकों के साथ परास्नातक की योग्यता होनी चाहिए। इसके साथ एनसीटीई से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में बीएड और प्रदेश या केंद्र सरकार की ओर से आयोजित उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ) की टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा।
पहली बार लागू नियम, मिलेगी अतिरिक्त मोहलत
माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. अशोक कुमार कनौजिया की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि टीजीटी भर्ती में टीईटी की अनिवार्यता पहली बार लागू की जा रही है। इसलिए अभ्यर्थियों को 30 जून 2027 तक टीईटी उत्तीर्ण करने का वैध प्रमाणपत्र हासिल करने की छूट दी जाएगी। शासन ने आयोग से जल्द टीईटी दोबारा आयोजित कराने के लिए भी कहा है। हालांकि, चयन सूची में नाम आने या चयनित घोषित होने मात्र से नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलेगा। नियुक्ति पत्र जारी करने से पहले निर्धारित अर्हताओं की पूर्ति और अभिलेखों का सत्यापन जरूरी होगा।






