लखनऊ, 20 जनवरी 2026:
यूपी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक उपलब्धियों और वैश्विक स्तर पर बनी विशिष्ट पहचान को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने राष्ट्रीय पर्यटन दिवस (25 जनवरी) के अवसर पर विशेष रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धियों से प्रेरणा लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के तहत प्रतिभागी 30 सेकंड की रील, कविता अथवा वॉटरकलर पेंटिंग के माध्यम से अपनी सहभागिता दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि युवाओं और कलाकारों को उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों से जुड़ने का मंच भी प्रदान करेगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगिता में केवल वही प्रविष्टियां मान्य होंगी जो उत्तर प्रदेश पर्यटन की वर्ष 2025 की आठ प्रमुख उपलब्धियों से प्रेरित होंगी। चयनित विजेताओं को उत्तर प्रदेश पर्यटन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पर्यटन दिवस कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागी अपनी प्रविष्टियां 23 जनवरी तक जमा कर सकते हैं।
जयवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 उत्तर प्रदेश पर्यटन के लिए ऐतिहासिक रहा है। प्रतिभागी जिन आठ बिंदुओं पर अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित कर सकते हैं उनमें प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 शामिल है, जहां विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम में करोड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। अयोध्या का दीपोत्सव 2025, जिसमें दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बने, वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय रहा।
इसके अलावा लखनऊ को यूनेस्को क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी के रूप में मिली मान्यता, बहराइच के करिकोट गांव को ग्रामीण पर्यटन के लिए मिला ICRT इंडियन सबकॉन्टिनेंट अवॉर्ड 2025, वैश्विक बौद्ध पर्यटन सर्किट, वर्ष 2025 में वाराणसी में 146.97 मिलियन पर्यटकों का आगमन, उत्तर प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य का पुरस्कार और सलखन जीवाश्म पार्क का यूनेस्को विश्व धरोहर की संभावित सूची में शामिल होना प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह रचनात्मक प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश की पर्यटन शक्ति और सांस्कृतिक गौरव को नए और रोचक अंदाज में देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगी।






