लखनऊ, 5 फरवरी 2026:
यूपी में ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और खेती-किसानी को नई दिशा देने के लिए योगी सरकार ने एक दूरदर्शी पहल शुरू की है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मधुमक्खी पालन कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं न सिर्फ शहद उत्पादन करेंगी बल्कि फसलों की पैदावार बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएंगी।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अगले तीन वर्षों में प्रदेश भर में एक लाख महिला मधुमक्खी पालक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का उद्देश्य है कि हर महिला उद्यमी की वार्षिक आय में लगभग एक लाख रुपये तक की बढ़ोतरी हो जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
मधुमक्खियों द्वारा होने वाला प्राकृतिक परागण गेहूं, सरसों, दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा। इससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और खेती की लागत के मुकाबले मुनाफा बढ़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार मधुमक्खी पालन खेती के लिए साइलेंट बूस्टर की तरह काम करता है।
सीएम योगी के मिशन विलेज के तहत यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। महिलाएं अब केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अपना खुद का शहद ब्रांड भी विकसित करेंगी। शहद के साथ-साथ बी-वैक्स, पराग और अन्य उत्पादों के विपणन से वे प्रदेश के आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनेंगी।
इस योजना के तहत महिलाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बाजार से जोड़ने की समुचित व्यवस्था की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि यूपी का शहद देश-दुनिया में गुणवत्ता, भरोसे और पहचान का प्रतीक बने। इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ महिलाओं के आत्मनिर्भरता के सपने को भी नई उड़ान मिलेगी।






