
लखनऊ, 18 अगस्त 2026:
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की 4,612 जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। राज्य भर से आए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने मंगलवार को यूपी की राजधानी लखनऊ की राजभवन कॉलोनी स्थित उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव किया और अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

परीक्षा संपन्न हुए लंबा समय बीत जाने के बावजूद अंतिम परिणाम घोषित न होने से युवाओं में काफी रोष देखा गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने पूरी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने, लंबे समय से लंबित दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) का परिणाम जल्द जारी करने और पारदर्शी अंतिम सूची प्रकाशित करने की मांग उठाई।
’डिपार्टमेंट स्किप’ विकल्प की प्रमुख मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्राथमिक मांगों में से एक ‘डिपार्टमेंट स्किप’ का विकल्प प्रदान करना भी शामिल रहा। अभ्यर्थियों का तर्क है कि इस प्रक्रियात्मक विकल्प से उम्मीदवारों को विभाग आवंटन में उचित और समान अवसर मिल सकेगा। छात्रों का कहना था कि भर्ती में लगातार हो रहे विलंब के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है, इसलिए विभाग को आगे के सभी चरणों की स्थिति स्पष्ट करते हुए आधिकारिक अपडेट जारी करना चाहिए।
अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल से डिप्टी सीएम ने की वार्ता
प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल से अपने आवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने अपनी सभी समस्याओं और भर्ती से जुड़ी मांगों का ज्ञापन उन्हें सौंपा। डिप्टी सीएम ने छात्रों की बात को ध्यानपूर्वक सुना और उनकी मांगों पर विचार कर जल्द ही उचित निष्कर्ष निकालने का सकारात्मक आश्वासन दिया।

आगे क्या उम्मीद कर रहे हैं अभ्यर्थी?
डिप्टी सीएम के साथ हुई इस वार्ता और मिले आश्वासन के बाद अब अभ्यर्थियों की निगाहें सरकार और आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि शासन स्तर से जल्द ही कोई ठोस कदम उठाया जाएगा, जिससे 4,612 पदों पर जारी यह महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रिया अपने अंतिम चरण तक पहुंच सके और युवाओं का असमंजस समाप्त हो सके।






