सीनियर अफसरों की अहम बैठकें : विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए तैयार करें प्रस्ताव, प्रवासी उत्तराखंड सम्मेलन की तैयारियों पर मंथन
मुख्य सचिव ने युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक, प्रमुख सचिव ने प्रवासी उत्तराखंड के लोगों को चिह्नित कर आमंत्रित करने पर विशेष जोर दिया, 13 नवंबर को दून विश्वविद्यालय में होगा कार्यक्रम

देहरादून, 14 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड के सीनियर अफसरों ने युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण प्रदान करने और प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन की तैयारियों को लेकर बुधवार को कई बैठकें की। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करने के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ बैठक की। वहीं, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन 2026 की तैयारियों के संबंध में गठित समिति के साथ बैठक की। इसमें सम्मेलन के सफल आयोजन, प्रचार-प्रसार और प्रवासी उत्तराखंडियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के संबंध में चर्चा की गई।
प्रशिक्षण के लिए गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम किया जाए तैयार
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि विदेशी भाषा प्रशिक्षण को व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम के रूप में विकसित किया जाए, ताकि स्कूली व आईटीआई छात्रों, चिकित्सा एवं नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े युवाओं के साथ ही अन्य इच्छुक लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कार्मिक एवं वित्त विभाग को सम्बन्धित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए एक समग्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कर उनके लिए रोजगार के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध कराना होना चाहिए। कहा कि विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण के लिए गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम तैयार किया जाए, जिसे प्रत्यक्ष व ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा सके। उन्होंने शिक्षा विभाग को प्रदेश के सभी अटल उत्कृष्ट विद्यालयों एवं राजीव नवोदय विद्यालयों में अंग्रेजी के अतिरिक्त अन्य विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
युवाओं को मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र कराया जाए उपलब्ध
मुख्य सचिव ने कहा कि कौशल विकास एवं सेवायोजन कार्यालय द्वारा वर्तमान में देहरादून, अल्मोड़ा और बागेश्वर में संचालित विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विस्तारित करते हुए प्रदेशभर में शुरू किया जाए। उन्होंने प्रत्येक जनपद में विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करते हुए कौशल विकास विभाग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में संचालित हो रहे केंद्रों को भी इसमें शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण कार्यक्रमों को रोजगार की वास्तविक मांग के अनुरूप विदेशी भाषा में दक्ष युवाओं को देश-विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए सम्बन्धित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाए। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ ही युवाओं को मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किए जाने पर जोर दिया।
दून विश्वविद्यालय के छात्रों की लें सेवाएं
उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए दून विश्वविद्यालय से विदेशी भाषाओं की पढ़ाई कर रहे छात्रों की सेवाएं लेने की बात कही। कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें शैक्षणिक क्रेडिट अथवा अन्य प्रोत्साहन देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने नर्सिंग पाठ्यक्रम में विदेशी भाषाओं को शामिल करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में लगभग 600 युवा नर्सिंग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इन नर्सिंग छात्रों को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण उपलब्ध कराना इनके लिए उपयोगी होगा। इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल एवं अपर सचिव मनुज गोयल मौजूद रहे।
सम्मेलन में प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ करें संवाद
उधर, प्रमुख सचिव ने सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप, युवा-केंद्रित एवं नवाचारपूर्ण स्वरूप में आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने देश के विभिन्न प्रांतों व शहरों में रहकर अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य कर रहे प्रवासी उत्तराखंडियों को चिह्नित कर सम्मेलन में आमंत्रित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करने और राज्य के विकास में उनके अनुभवों, सुझावों व योगदान का लाभ लेने के प्रयास किए जाएं। बताया गया कि तृतीय प्रवासी उत्तराखंडी दिवस के लिए पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। सम्मेलन का आयोजन देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय के नित्यानंद ऑडिटोरियम में किया जाएगा।
एक सप्ताह में सम्मेलन की रूपरेखा को अंतिम रूप दें
प्रमुख सचिव ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा को अंतिम रूप से तैयार करने व तैयारियों की प्रगति के संबंध में तीन-चार दिन में अपडेट देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर आमंत्रित अतिथियों को चिह्नित करने के साथ ही उनके ठहरने की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार के विकास कार्यों, विभिन्न योजनाओं व नीतियों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे प्रवासी उत्तराखंडियों को राज्य में हो रहे विकास कार्यों व विभिन्न क्षेत्रों में संचालित पहलों की जानकारी मिल सके। बैठक में सचिव शैलेश बगोली, विनोद कुमार सुमन, सीडीओ अभिनव शाह, सदस्य उत्तराखंड प्रवासी प्रकोष्ठ सुधीर चन्द्र नौटियाल, उपनिदेशक सूचना बद्री चंद सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।






