उत्तराखंड में Nursing Education का विस्तार, 11,495 सीटों से खुले रोजगार के नए रास्ते
Uttarakhand Nursing Education : तीन नए सरकारी नर्सिंग कॉलेजों से 321 सीटें बढ़ीं, निजी संस्थानों में 10,616 सीटों पर दाखिले का मौका, जापान में 60 युवाओं को मिला रोजगार, जर्मनी में 13 अभ्यर्थियों को नौकरी

देहरादून, 17 अक्टूबर 2026:
उत्तराखंड में नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए सरकारी संस्थानों में सीटें बढ़ने के साथ रोजगार के नए रास्ते खुले हैं। मुख्यमंत्री धामी के कार्यकाल में तीन नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज शुरू किए गए हैं। इससे सरकारी संस्थानों में सीटों की संख्या बढ़कर 879 हो गई है। निजी नर्सिंग कॉलेजों को मिलाकर प्रदेश में कुल 11,495 सीटें हो चुकी हैं। सरकार का फोकस Nursing Education को मजबूत करने के साथ युवाओं को देश-विदेश में नौकरी के अवसर दिलाने पर है।
सरकारी कॉलेजों में 321 नई सीटें
बीएससी से लेकर एमएससी तक पढ़ाई का मौका
जुलाई 2021 के बाद स्थापित तीन राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की 151, एमएससी नर्सिंग की 120, एनपीसीसी की 20, एनपीएम की 30 सीटें बढ़ाई गई हैं। इन पाठ्यक्रमों में कुल 321 अतिरिक्त सीटें जुड़ी हैं। सरकारी संस्थानों में एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग समेत कई पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
विदेशों में भी नौकरी पा रहे युवा
उत्तराखंड में नर्सिंग सहित व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके तहत जापानी, जर्मन, स्पेनिश जैसी भाषाएं सिखाई जा रही हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान में रोजगार मिला। वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में नौकरी मिली। विदेशी भाषा प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
शिक्षकों की नियुक्ति पर जोर, नियमित नर्सिंग ट्यूटरों की संख्या 66 हुई
चिकित्सा शिक्षा निदेशक आशुतोष सयाना के मुताबिक, नर्सिंग कॉलेजों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। दिसंबर 2021 में 40 ट्यूटर नियुक्त हुए थे। जून 2025 तक 26 अतिरिक्त ट्यूटरों की नियुक्ति के बाद नियमित ट्यूटरों की संख्या 66 हो गई। अक्टूबर 2022 में आठ असिस्टेंट प्रोफेसर सहित कुल नौ संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई। इसके बाद ट्यूटर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर सहित उप प्रधानाचार्य के पद भी सृजित किए गए। नवंबर 2025 में सात संकाय सदस्यों की नियुक्ति हुई।
16 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने 16 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की अंतिम परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। सितंबर 2026 में ट्यूटरों के 30 पदों के लिए उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेजा गया। इन नियुक्तियों से नर्सिंग कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हर साल 12 से 15 हजार अभ्यर्थी लेते हैं प्रवेश परीक्षा में हिस्सा
हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की ओर से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में हर साल करीब 12,000 से 15,000 अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। बड़ी संख्या में आवेदन मिलने से प्रदेश में नर्सिंग की पढ़ाई के प्रति युवाओं की दिलचस्पी का पता चलता है।
युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार से जोड़ने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताई प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक, राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ रोजगार के बेहतर अवसर देना है। नर्सिंग कॉलेजों में सुविधाएं बढ़ाने, शिक्षकों की नियुक्ति करने, नए संस्थान खोलने के साथ युवाओं को देश-विदेश में नौकरी के अवसरों से जोड़ने पर काम किया जा रहा है। सरकार का जोर युवाओं के कौशल को बेहतर बनाने पर है, ताकि वे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में अपनी जगह बना सकें।






