व्हाइट वाटर राफ्टिंग का आगाज, 16 सदस्यों का दल रवाना, रोमांच से भरी यात्रा रुद्रप्रयाग से होगी शुरू
मेजर जनरल ने देहरादून से हरी झंडी दिखाई, सात से 11 अक्टूबर तक 145 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण नदी यात्रा करेगा पूरा, आर्मी सर्विस कोर ने इससे पहले 2022 में आयोजित किया था यह अभियान

योगेंद्र मलिक
देहरादून, 6 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंगलवार को श्वेत जल नौका अभियान 2026 का आगाज हुआ। मेजर जनरल पीके तिवारी, एमजीएएससी, मध्य कमान ने 16 सदस्यीय अभियान दल को ध्वज दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 7 से 11 अक्टूबर तक आयोजित होगा। अभियान दल रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश तक लगभग 145 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण नदी यात्रा पूरी करेगा। दल में दो अधिकारी, दो कनिष्ठ कमीशंड अधिकारी और 12 अन्य रैंक के अधिकारी शामिल हैं।
आर्मी सर्विस कोर द्वारा इससे पहले श्वेत जल नौका अभियान वर्ष 2022 में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में आयोजित किया गया था। इसके बाद विभिन्न इकाइयों में कर्मचारियों की नियुक्तियों के कारण लगभग पांच वर्षों तक इस प्रकार का अभियान आयोजित नहीं हो सका। इस गौरवपूर्ण परंपरा को फिर से प्रारंभ करने की पहल महानिदेशालय आपूर्ति एवं परिवहन द्वारा की गई और अभियान के आयोजन की जिम्मेदारी मध्य कमान को सौंपी गई। अभियान के संचालन का दायित्व 514 आर्मी सर्विस कोर बटालियन को दिया गया।
मध्य कमान एवं यूबी क्षेत्र के मार्गदर्शन में जुलाई व अगस्त 2026 के दौरान स्वयंसेवकों से आवेदन आमंत्रित किए गए। चयन प्रक्रिया के उपरांत आपूर्ति एवं परिवहन निदेशालय द्वारा 16 सदस्यीय दल का चयन किया गया। चयनित दल ने 21 सितंबर से तीन अक्तूबर तक एएएनसी, रायवाला में मूलभूत श्वेत जल नौका प्रशिक्षण प्राप्त किया। कठिन व गहन प्रशिक्षण के बाद दल के सभी सदस्य इस चुनौतीपूर्ण अभियान के लिए तैयार हैं।

अभियान की वास्तविक नदी यात्रा 7 अक्टूबर को रुद्रप्रयाग से प्रारंभ होगी। पहले चरण में दल रुद्रप्रयाग से धारी देवी मंदिर, दूसरे चरण में धारी देवी मंदिर से श्रीनगर, तीसरे चरण में श्रीनगर से देवप्रयाग, चतुर्थ चरण में देवप्रयाग से कौड़ियाला और अंतिम चरण में कौड़ियाला से ऋषिकेश तक यात्रा करेगा। अभियान के दौरान दल अलकनंदा नदी की चुनौतीपूर्ण धाराओं को पार करते हुए देवप्रयाग पहुंचेगा, जहां अलकनंदा व भागीरथी नदियों का पवित्र संगम होता है। इसके बाद दल गंगा नदी की तीव्र धाराओं में प्रवेश करते हुए कौड़ियाला से ऋषिकेश तक अपनी यात्रा जारी रखेगा।
यह अभियान आर्मी सर्विस कोर की साहस, नेतृत्व, अनुशासन, दल भावना और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता को प्रदर्शित करेगा। साथ ही यह सैन्यकर्मियों में साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि और शारीरिक एवं मानसिक दृढ़ता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अभियान का समापन 11 अक्तूबर को ऋषिकेश में होगा।






