सीतापुर, 5 अप्रैल 2026:
महमूदाबाद इलाके के सरैंया चलाकापुर गांव में शनिवार शाम मौसम ने तबाही मचा दी। तेज आंधी के बीच चूल्हे से निकली चिंगारी ने उग्र रूप ले लिया। देखते ही देखते करीब 20 घर आग की चपेट में आ गए। इसी आग में मची अफरातफरी में मां बेटी जिंदा जल गईं जबकि सिधौली में एक महिला पर पेड़ गिर गया।
गांव में रहने वाले राजाराम के घर में खाना बन रहा था। इसी दौरान तेज हवा आंधी बनकर चलने लगी। उसी समय चिंगारी से अचानक आग लग गई। हवा का सहारा पाकर आग तेजी से फैल गई और आसपास के घरों को अपनी चपेट में ले लिया। लपटें इतनी तेज थीं कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस आग में मां-बेटी जिंदा जल गईं। मृतकों में फूलमती और उनकी मां इजुरा शामिल हैं, जो बाराबंकी की रहने वाली थीं। वहीं पड़ोस में रहने वाली 7 साल की बच्ची माही गंभीर रूप से झुलस गई। पहले उसे बिसवां सीएचसी ले जाया गया, बाद में हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

आग फैलने के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। लोग अपने घरों से निकलकर जान बचाने में जुट गए। बाद में बारिश शुरू होने और ग्रामीणों की कोशिश से आग पर काबू पाया जा सका। इस अग्निकांड में राजाराम, सत्रोहनलाल, अवधराम, वीरेश, हरिश्चंद्र, झब्बूलाल, देशराज, श्रीराम, सावन, राजू, रामलाल, अशोक कुमार, सुरेश प्रकाश और रमेश प्रकाश सहित कई ग्रामीणों के घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। फायर ब्रिगेड ने भी पहुंचकर बुझाने में मदद की। आग से कई परिवारों की गृहस्थी जलकर राख हो गई।
उधर, सिधौली इलाके के गांधीनगर उत्तरी में एक और हादसा हुआ। परमानन्द की पत्नी सुनीता एक अन्य महिला के साथ शाम को मंदिर से लौट रही थीं, तभी तेज आंधी के बीच एक पेड़ उनके ऊपर गिर गया। आसपास के लोगों ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस घटना के दौरान सड़क पर गिरे पेड़ से उधर गुजर रही एक बाइक भी टकरा गई, जिससे बाइक सवार दो लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को पेड़ के नीचे से बाहर निकालकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।






