देहरादून, 15 अप्रैल 2026:
उत्तराखंड में निजी स्कूलों की बढ़ती फीस और सरकारी विद्यालयों की बदहाल स्थिति को लेकर बुधवार को महिला कांग्रेस ने राजधानी देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ता शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव करने के लिए यमुना कॉलोनी की ओर कूच कर रही थीं।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही कड़े इंतजाम किए थे। रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। महिला कार्यकर्ताओं के आगे बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इससे मौके पर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इस दौरान महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रदेश में निजी स्कूल लगातार फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं। अभिभावकों से एकमुश्त तीन महीने की फीस वसूली जा रही है। उनका कहना है कि इससे आम लोगों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। यह सीधे तौर पर अभिभावकों का शोषण है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।

महिला कांग्रेस ने सरकारी स्कूलों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि सरकारी विद्यालयों की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है लेकिन सरकार इस ओर पूरी तरह से उदासीन बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय सरकारी स्कूलों को बंद करने की दिशा में काम कर रही है, जिसका सबसे ज्यादा असर गरीब और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कुछ महिला कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इस दौरान एक महिला कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गई जिसे महिला पुलिसकर्मियों ने किसी तरह नीचे उतारकर हालात पर काबू पाया।
इसके बाद नाराज कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हालांकि बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।






