योगेंद्र मलिक
देहरादून, 29 अप्रैल 2026:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंगलवार रात गांधी पार्क से घंटाघर तक महिला आक्रोश मशाल यात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने संकेत दिया कि अब वे अपने अधिकारों को लेकर पूरी तरह मुखर और संगठित हो चुकी है।
महिला आरक्षण से जुड़ा बिल गिरने के विरोध में आयोजित मशाल यात्रा में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल प्रतीकात्मक आयोजन नहीं बल्कि उन ताकतों के खिलाफ सीधा जनाक्रोश है जो महिलाओं के अधिकारों में बाधा डाल रही हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दलों ने वर्षों तक महिला आरक्षण को लंबित रखा और इसे केवल राजनीतिक मुद्दा बनाया।
सीएम धामी ने कहा कि आज की भारतीय नारी अब दर्शक नहीं बल्कि निर्णय लेने वाली शक्ति बन चुकी है। उन्होंने केंद्र सरकार की महिला सशक्तिकरण नीतियों को परिवर्तनकारी बताते हुए कहा कि अब बदलाव जमीनी स्तर पर दिख रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नई पीढ़ी की महिलाएं सब समझ रही हैं और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी।
कार्यक्रम में यह संदेश भी उभरा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से परिवारवादी और परंपरागत राजनीति करने वाले दल असहज हैं। यही कारण है कि वे महिलाओं को उनका अधिकार देने से कतराते रहे हैं। इस मौके पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, मंत्री रेखा आर्य, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल समेत कई जनप्रतिनिधि और महिलाएं मौजूद रहीं।






