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अयोध्या से नैमिषारण्य तक बनेंगे विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र, जानिए यूपी में पर्यटन की सुपर प्लानिंग

यूपी सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को 2047 तक आर्थिक विकास और रोजगार का मजबूत इंजन बनाने का रोडमैप तैयार किया है, जिसमें 100 करोड़ पर्यटकों के आगमन और जीवीए में हिस्सेदारी बढ़ाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य शामिल हैं

लखनऊ, 4 फरवरी 2026:

उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में पर्यटन क्षेत्र अहम भूमिका निभाने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप पर्यटन को ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। यह बात पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन भवन, लखनऊ में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कही।

2047 तक बड़े लक्ष्य, पर्यटन से बदलेगी तस्वीर

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के पर्यटन रोडमैप के तहत वर्ष 2047 तक पर्यटन का राज्य की जीवीए (ग्रॉस वैल्यू एडेड) में योगदान मौजूदा 1.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही देश के कुल पर्यटन जीवीए में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी को 9.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 16 प्रतिशत तक ले जाने की योजना है।

100 करोड़ से अधिक पर्यटकों के आगमन का लक्ष्य

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2047 तक प्रदेश में कुल पर्यटक आगमन 100 करोड़ से अधिक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही विदेशी पर्यटकों की संख्या 45 लाख से अधिक करने और उत्तर प्रदेश को देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शामिल करने की दिशा में ठोस रणनीति बनाई गई है।

2027-28 तक ग्रोथ इंजन बनेगा पर्यटन

बैठक में यह भी कहा गया कि 2027-28 तक एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को हासिल करने में पर्यटन क्षेत्र मजबूत भूमिका निभाएगा। इसके लिए पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, निजी निवेश को बढ़ावा देने और सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

रोजगार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार

पर्यटन रोडमैप के तहत रोजगार सृजन पर भी बड़ा लक्ष्य रखा गया है। कुल रोजगार में पर्यटन की हिस्सेदारी को मौजूदा 1.43 प्रतिशत से बढ़ाकर 2047 तक 5 प्रतिशत करने की योजना है। इसके अलावा पर्यटकों के ठहरने की अवधि, प्रति पर्यटक खर्च, हवाई यातायात और प्रीमियम होटलों की संख्या बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।

अयोध्या, काशी, मथुरा से नैमिषारण्य तक फोकस

पर्यटन नीति 2022 के तहत अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के साथ-साथ बाबा नीब करौरी, कालिंजर फोर्ट और नैमिषारण्य जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के विकास पर जोर दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी, पांच सितारा होटल, होम स्टे और स्वच्छ वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पर्यटन से आर्थिक विकास और रोजगार का रास्ता

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन को आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम बनाया जा रहा है। बुनियादी ढांचे के विस्तार और निवेश को बढ़ावा देकर पर्यटन सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है।

यूपी को मिलेगी राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सुनियोजित रोडमैप के जरिए निवेश, रोजगार और जीवीए में वृद्धि पर फोकस किया गया है, जिससे प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात, महानिदेशक पर्यटन डॉ वेदपति मिश्रा, यूपीएसटीडीसी एमडी आशीष कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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