Yogi का सपा पर तीखा हमला : PDA को बताया ‘पराया धन अपना’, बोले- चचा-भतीजे से रहें सावधान
वाराणसी में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन से सीएम ने साधा विपक्ष पर निशाना, बोले- सपा ने परिवार के लोगों और धनाढ्य वर्ग को तरजीह दी, हमने साढ़े 9 साल में 9.5 लाख युवाओं को नौकरी

वाराणसी, 14 अक्टूबर 2026:
पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को शिक्षक-स्नातक सम्मेलन के मंच से सपा पर जमकर निशाना साधा। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित वाराणसी खंड क्षेत्र सम्मेलन में उन्होंने सपा के पीडीए को ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ और ‘पराया धन अपना’ करार देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के छलावे में न आएं। मुख्यमंत्री ने विधान परिषद के शिक्षक प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र और स्नातक प्रत्याशी केदारनाथ सिंह के पक्ष में जनसमर्थन भी मांगा।
योगी ने हालिया राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने 10 में से आठ सीटें जीतकर विभिन्न समाजों को प्रतिनिधित्व दिया जबकि सपा अपने पीडीए के दावे पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने परिवार के लोगों और धनाढ्य वर्ग को तरजीह दी। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि परिवारवाद, शिक्षा विरोधी राजनीति और माफिया के समर्थकों को सदन में भेजने से बचें।

छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि डबल इंजन सरकार ने साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए हैं। अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस में 32 हजार पदों पर भर्ती का परिणाम आया है। 42 हजार होमगार्ड जवानों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन्हें भी जल्द नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
सपा सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए योगी ने कहा कि उस दौर में आयोगों और बोर्डों में पारदर्शिता नहीं थी। उन्होंने भर्ती संस्थाओं में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में भर्तियां ईमानदारी से की जा रही हैं।
शिक्षकों को पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा
शिक्षक समाज को राष्ट्र और युग का निर्माता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक सरकारी, अनुदानित और स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षकों तथा उनके परिजनों को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया है। उन्होंने वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए सुरक्षा बीमा कवर और शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान का भी उल्लेख किया।
पुरानी पेंशन के मुद्दे पर योगी ने आरोप लगाया कि 2005 से 2017 के बीच शिक्षकों-कर्मचारियों के एनपीएस खाते तक नहीं खोले गए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 14 लाख कार्मिकों के खाते खोलने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की और सरकार का अंशदान 10 से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया। मुख्यमंत्री ने काशी की ज्ञान और गुरु परंपरा का उल्लेख करते हुए शिक्षकों से शिक्षा, युवाओं और पारदर्शी व्यवस्था के पक्ष में खड़े होने की अपील की। सम्मेलन में प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।






