लखनऊ, 23 मार्च 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने आगामी गेहूं खरीद नीति को मंजूरी देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति कुंतल कर दिया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट बैठक के बाद कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार किसानों को केवल MSP ही नहीं बल्कि गेहूं की उतराई, सफाई और छनाई के लिए 20 रुपये प्रति कुंतल अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा। यानी किसानों को प्रति कुंतल पहले से अधिक राशि सीधे उनके खाते में प्राप्त होगी। इससे उनकी आय में वास्तविक वृद्धि सुनिश्चित होगी।
सरकार ने इस सीजन में 30 लाख टन गेहूं खरीद का प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि अधिकारियों का अनुमान है कि अनुकूल परिस्थितियों में यह आंकड़ा 50 लाख टन तक पहुंच सकता है। गेहूं खरीद की प्रक्रिया 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रदेश में 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे किसानों को लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं होगी और स्थानीय स्तर पर ही उपज की बिक्री संभव हो सकेगी। सरकार ने खरीद प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए आठ प्रमुख एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है, जिनमें भारतीय खाद्य निगम, उत्तर प्रदेश मंडी परिषद, राज्य भंडारण निगम और विभिन्न सहकारी संस्थाएं शामिल हैं।
भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। सभी भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जाएंगे, जिससे किसी भी प्रकार की देरी या बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके। सरकार के इस फैसले से किसानों को राहत मिलने के साथ ही कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार होगा। साथ ही प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।






