योगी सरकार का पुलिसकर्मियों को दिवाली तोहफा, वर्दी से मोबाइल तक बढ़ाया भत्ता, विपक्ष पर साधा निशाना
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, छह परिवारों का सम्मान, PPS अफसरों को वर्दी के लिए 15 हजार रुपये भत्ता देने की घोषणा, इंस्पेक्टर-सब इंस्पेक्टर का मोटरसाइकिल भत्ता और मोबाइल रिचार्ज का पैसा बढ़ाया

लखनऊ, 21 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ की पुलिस लाइंस में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले छह पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए तीन बड़ी घोषणाएं करते हुए वर्दी, मोटरसाइकिल और मोबाइल रिचार्ज भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए दावा किया कि 2017 के बाद पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त किया गया है।

PPS अफसरों को वर्दी के लिए 15 हजार
मुख्यमंत्री ने प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के अधिकारियों के लिए वर्दी भत्ता 6400 से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने की घोषणा की। वहीं, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर का मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है। पुलिसकर्मियों को मोबाइल रिचार्ज के लिए अब 2,000 रुपये के बजाय 2,500 रुपये मिलेंगे। सरकार के इन फैसलों को पुलिसकर्मियों की सुविधाओं और कल्याण से जोड़कर देखा जा रहा है।
‘पहले अपराधियों पर कार्रवाई करने से डरती थी पुलिस’
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब थानेदार और एसपी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले सोचते थे। कार्रवाई होते ही सत्ता के गलियारों से फोन आने लगते थे और कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर ही गाज गिरती थी।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 815 दंगे हुए। मथुरा के जवाहर बाग कांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना पुलिस के लिए मुश्किल था। योगी के मुताबिक 2017 में सरकार बनने के बाद पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त किया गया। अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई के साथ कानून का राज स्थापित करने पर जोर दिया गया।

पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता 6 हजार से बढ़कर 60 हजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता करीब 6,000 कर्मियों की थी। इसे बढ़ाकर 60 हजार से अधिक कर दिया गया है। उन्होंने पुलिस भर्ती में विस्तार, महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने और सात बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू किए जाने का भी उल्लेख किया।
योगी ने बताया कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए हर जिले में साइबर थाना और हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। महिला पीएसी की तीन बटालियन और फॉरेंसिक संस्थान के निर्माण को भी उन्होंने पुलिस व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम कदम बताया।

छह शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 के बाद अपराधियों के खिलाफ अभियानों में 18 पुलिसकर्मी शहीद हुए, जबकि 1,953 जवान घायल हुए। उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को 425 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दिए जाने की जानकारी भी दी। कार्यक्रम में छह शहीद पुलिसकर्मी के परिजनों को सम्मानित किया गया। ये पुलिसकर्मी दो अलग-अलग घटनाओं में शहीद हुए थे। ग्रेटर नोएडा में अग्निकांड के दौरान दो पुलिसकर्मियों की जान गई थी, जबकि जालौन के एक कारोबारी को अपहरणकर्ताओं से छुड़ाने जा रहे चार पुलिसकर्मियों की सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के परिजनों का सम्मान, सुरक्षा तथा कल्याण सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम में डीजीपी राजीव कृष्ण, पीएसी के डीजी आलोक सिंह, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी और शहीद पुलिसकर्मियों के परिजन मौजूद रहे।






