लखनऊ, 5 अप्रैल 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) से पहले एक बार फिर ‘योगी की पाती’ के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस भावनात्मक पत्र में उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में हुए व्यापक सुधारों को रेखांकित करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि एक समय पूर्वी उत्तर प्रदेश मस्तिष्क ज्वर (जापानी इंसेफेलाइटिस) जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। मासूम बच्चों की मौतें आम थीं। परिवारों में मातम पसरा रहता था लेकिन बीते वर्षों में सरकार के ठोस प्रयासों से इस अभिशाप पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है।
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस है। 9 वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दयनीय थी। हमारी सरकार को सेवा का अवसर मिला, तो पूर्वी उत्तर प्रदेश के अभिशाप जापानी इंसेफेलाइटिस का अंत हुआ।
खेलों से स्वास्थ्य का सीधा संबंध होता है,… pic.twitter.com/97Of0WddMN
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 5, 2026
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 के मुकाबले प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 से बढ़कर 83 हो गई है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा तेजी से विस्तारित हुआ है। अब प्रदेशवासियों को इलाज के लिए बाहर जाने या आर्थिक संकट झेलने की मजबूरी नहीं रही।
सीएम योगी ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि पीएचसी स्तर पर हेल्थ एटीएम, 108 एम्बुलेंस सेवा, टेली कंसल्टेशन, मोबाइल मेडिकल यूनिट और मुफ्त डायलिसिस जैसी सेवाएं आमजन तक पहुंचाई गई हैं। साथ ही आरोग्य मेलों के जरिए गांव-गांव स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि एक करोड़ से अधिक लोगों को 5 लाख तक की मुफ्त चिकित्सा सुरक्षा प्रदान की गई है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर और योग वेलनेस सेंटर जैसे वैकल्पिक चिकित्सा केंद्र भी स्थापित किए गए जो समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सर्वे संतु निरामयाः के लक्ष्य को दोहराते हुए प्रिवेंटिव हेल्थ को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि खेल और स्वास्थ्य का गहरा संबंध है। इसलिए राज्य में स्पोर्ट्स फ्रेंडली इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है।
पत्र के अंत में उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को खेलकूद और योग से जोड़ें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली ही स्वस्थ समाज की नींव है और यही उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करेगी।






