न्यूज डेस्क, 19 मई 2026:
करियर और बेहतर भविष्य के लिए घर से बाहर काम करना या पढ़ाई करना युवाओं की जरूरत बन गया है। घर से दूर रहने पर दिनचर्या के साथ ही उनका खान-पान भी बदल जाता है और उन्हें होम सिकनेस (घर की बार-बार याद आना) है तो ऐसे में वे अकेलेपन के शिकार हो सकते हैं। इस तरह के यह बदलाव धीरे-धीरे युवाओं की शारीरिक और मानसिक सेहत असर डालने लगते हैं। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इंडियन साइकोलॉजी (आईजेआईपी) के सर्वे के मुताबिक 16-25 वर्ष की आयु वाले युवा जो घर से दूर रहकर पढ़ाई या काम करते हैं उनमें मानसिक तनाव का स्तर काफी अधिक पाया गया है।
बढ़ सकता है स्ट्रेस हार्मोन का स्तर
चिकित्सा शोधों के अनुसार अचानक परिवार के सपोर्ट सिस्टम से दूर होने पर शरीर में ‘कोर्टिसोल’ (तनाव हॉर्मोन) का स्तर बढ़ जाता है। यह लंबे समय तक बना रहे तो एंग्जायटी और हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार अकेलापन और सामाजिक अलगाव मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करता है जो युवाओं में डिप्रेशन के जोखिम को कई गुना बढ़ा सकता है।

फास्ट फूड से दूरी है जरूरी
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएचएफएस) के आंकड़े दर्शाते हैं कि घर से दूर रहकर जॉब करने वाले युवाओं में बाहर के असंतुलित खान-पान के कारण एनीमिया (खून की कमी) और अचानक वजन घटने की समस्या तेजी से बढ़ती है। इंडियन जर्नल ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन (आईजेसीएम) के शोध के अनुसार में समय की कमी और पास में कम बजट होने के कारण युवा मैगी, समोसे, मोमोज, पैक्ड चिप्स और चाय-कॉफी पर निर्भर हो जाते हैं। इससे शरीर में सोडियम और बैड फैट की मात्रा बढ़ती है जिससे कम उम्र में ही फैटी लिवर, एसिडिटी जैसी पेट की समस्याएं हो सकती हैं।
अनिद्रा संग बढ़ सकती है कोलेस्ट्रॉल की समस्या
शोधकर्ताओं के अनुसार जो युवा घर से दूर अस्वस्थ जीवनशैली जीते हैं उनमें भविष्य में गंभीर हृदय रोग और कम उम्र में ही हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्लीप साइकिल पर हुए शोध बताते हैं कि पारिवारिक नियंत्रण हटने के बाद युवाओं को रूटीन पूरी तरह डिस्टर्ब हो जाता है। देर रात तक जागने और गैजेट्स के इस्तेमाल से ‘मेलाटोनिन’ हॉर्मोन का स्राव कम हो जाता है। पर्याप्त नींद न लेने वाले युवाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पाई गई जिससे वे संक्रामक बीमारियों की चपेट में जल्दी आते हैं।
ये उपाय अपनाने से हो सकते हैं सुरक्षित
वैज्ञानिक शोधों के आधार पर डॉक्टरों का कहना है कि घर से दूर रहने वाले युवाओं को अपनी सेहत बचाने के लिए बाहर के खाने की जगह फलों, नट्स और ओट्स जैसी बुनियादी चीजों को डाइट में शामिल करना चाहिए। अकेलेपन से बचने के लिए वे कॉलेज या वर्कप्लेस पर स्वस्थ सामाजिक संबंधों को बनाएं कोर्टिसोल लेवल को कम करने के लिए रोजाना कम से कम 20 मिनट की वॉक या एक्सरसाइज बेहद जरूरी है। इन उपायों को अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।






