लखनऊ, 8 जून 2026:
यूपी को देश का प्रमुख टेक्सटाइल और परिधान विनिर्माण हब बनाने की दिशा में योगी सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश की महत्वाकांक्षी संतकबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना अब जमीन पर उतरने लगी है। सरकार ने वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संतकबीरनगर और बिजनौर में पांच बड़े टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना को गति देते हुए 326 एकड़ से अधिक भूमि चिह्नित कर ली है। इन सभी भूमि पार्सलों के हस्तांतरण को मंत्रिमंडल की मंजूरी भी मिल चुकी है।
इस योजना के तहत वाराणसी के रामना में 75 एकड़, अमरोहा में 79.825 एकड़, बरेली के बहेड़ी में 79.580 एकड़, संतकबीरनगर के मगहर में 39.490 एकड़ तथा बिजनौर के नगीना में 52.910 एकड़ भूमि पर आधुनिक टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क स्थापित किए जाएंगे। सभी परियोजनाएं सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित होंगी। इससे निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्राधिकरण गठन की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। राष्ट्रीय वस्त्र अनुसंधान संस्था (NITRA) ने वाराणसी टेक्सटाइल पार्क की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। अन्य चार पार्कों की संशोधित प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उद्योग जगत से प्राप्त सुझावों को शामिल करते हुए इन रिपोर्टों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
वाराणसी के रामना पार्क को शीघ्र विकसित करने के लिए संपर्क मार्ग निर्माण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुबंध संबंधी कार्यवाही जारी है। इसके साथ ही पार्क को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए 132 केवी उपकेंद्र, ट्रांसमिशन लाइन और 33 केवी विद्युत अवसंरचना की पूरी रूपरेखा तैयार गई है।
योगी सरकार परियोजनाओं को पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है। पर्यावरण स्वीकृति, भूजल उपयोग अनुमति और वन विभाग की अनापत्ति से संबंधित प्रक्रियाएं भी प्रगति पर हैं। वहीं शेष चार पार्कों के लिए मास्टर डेवलपर के चयन के लिए पीपीपी आधारित निविदा दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं।
सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा और स्थानीय स्तर पर हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। संतकबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना प्रदेश को टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स और तकनीकी वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी। इसके साथ प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।






