Uttar Pradesh

योगी सरकार का आयुष मेगा प्लान : 5 नए आयुष मेडिकल कॉलेजों से बदलेगा UP का हेल्थ मैप

गोंडा, मिर्जापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडल में खोले जाएंगे एकीकृत आयुष चिकित्सालय व महाविद्यालय, स्थानीय स्तर पर मिलेगी बेहतर चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं

लखनऊ, 8 जून 2026:

यूपी में आयुष चिकित्सा और शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में पांच नए एकीकृत आयुष चिकित्सालय एवं महाविद्यालय खोले जाएंगे। यह संस्थान गोंडा, मिर्जापुर, मेरठ, आगरा और बस्ती मंडल में विकसित होंगे। सरकार के इस कदम से आयुष शिक्षा का विस्तार होने के साथ प्रदेश के लाखों लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी मिलेगा।

प्रदेश के आयुष विभाग ने इन पांचों मंडलों में भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार के अनुसार सरकार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ भारत की पारंपरिक चिकित्सा विरासत को भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है जिससे प्रदेशवासियों को सुरक्षित, सस्ती और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

देवीपाटन मंडल में गोंडा के वजीरगंज स्थित ग्राम कोडर में लगभग 14.82 एकड़, मिर्जापुर मंडल में ग्राम अकोढ़ी में 13.83 एकड़, मेरठ मंडल के लिए गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील अंतर्गत ग्राम सैदपुर हुसैनपुर डलना में 11 एकड़, आगरा मंडल में किरावली तहसील के ग्राम अकबरा में 13.5 एकड़ तथा बस्ती मंडल में हर्रैया तहसील के ग्राम जोगापुर में 15 एकड़ भूमि महाविद्यालय स्थापना के लिए चिह्नित की गई है। इनमें से चार स्थानों की भूमि पहले ही आयुष विभाग के नाम दर्ज हो चुकी है। बस्ती में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

ये भी पढ़ें:

आयुष महानिदेशक एवं मिशन निदेशक चैत्रा वी ने बताया कि सभी पांचों महाविद्यालयों के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है। वर्तमान में राजकीय एकीकृत आयुष महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का नक्शा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये संस्थान शिक्षण केंद्र के साथ शोध और नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में भी विकसित किए जाएंगे।

Advertisement

इन महाविद्यालयों में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान की शिक्षा दी जाएगी। साथ ही आयुर्वेदिक औषधियों, योग चिकित्सा, जीवनशैली आधारित उपचार और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों पर वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार का मानना है कि नए संस्थानों की स्थापना से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही मंडल में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। आधुनिक प्रयोगशालाओं, चिकित्सालयों, अनुसंधान सुविधाओं और प्रशिक्षण केंद्रों से लैस ये संस्थान आयुष शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

READ MORE

ये भी पढ़ें  ‘मंगलसूत्र’ पर सियासत : विधानभवन के सामने सड़क पर लेटकर सपा की महिला कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link