लखनऊ, 8 जून 2026:
उत्तर प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ चल रही मुहिम अब नतीजों में भी दिखाई देने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित टेक होम राशन योजना के जरिए प्रदेश के करीब 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक हर महीने पौष्टिक आहार पहुंचाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की इस पहल को देश में पोषण सुधार के एक प्रभावी मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदेश में भारत सरकार की सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 गाइडलाइन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2023 के अनुरूप रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार व्यवस्था लागू की गई है। बड़े स्तर पर इस व्यवस्था को लागू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य माना जा रहा है। योजना का लाभ छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और अतिकुपोषित बच्चों को मिल रहा है।
पोषण कार्यक्रम का असर स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों में भी नजर आ रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के मुताबिक वर्ष 2015-16 में प्रदेश में बच्चों में नाटेपन की दर 39.7 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2019-21 में घटकर 31.5 प्रतिशत रह गई। अल्पवजन और दुबलापन जैसी समस्याओं में भी सुधार दर्ज किया गया है।
योजना के तहत अलग-अलग आयु वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विशेष पोषण उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर और संपूर्ण मातृ आहार जैसे उत्पाद बच्चों और महिलाओं को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं अतिकुपोषित बच्चों के लिए आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी और सक्षम पोषण जैसे विशेष उत्पाद भी दिए जा रहे हैं।
वितरण व्यवस्था को तकनीक से जोड़कर निगरानी मजबूत की गई है। जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड और ओटीपी आधारित सत्यापन प्रणाली के जरिए हर पैकेट की डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है। इससे आपूर्ति श्रृंखला की पारदर्शिता बढ़ी है और लाभार्थियों तक समय पर सामग्री पहुंचाने में मदद मिली है।
योजना महिला सशक्तीकरण का भी बड़ा माध्यम बन रही है। टेक होम राशन के उत्पादन और आपूर्ति का जिम्मा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को दिया गया है। प्रदेश भर में 4000 से अधिक महिलाएं उत्पादन इकाइयों से जुड़कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर हासिल कर रही हैं। इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिला है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा राज्य पोषण मिशन की निदेशक हर्षिता माथुर ने बताया कि पोषण, तकनीक और महिला सशक्तीकरण को साथ लेकर चल रही यह व्यवस्था प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।






