राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 8 जून 2026;
नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर सोमवार को राजधानी देहरादून में पूर्व सीएम हरीश रावत व कांग्रेस के छात्र संगठन का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। एनएसयूआई के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सचिवालय कूच किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद धाकड़ और प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी के नेतृत्व में निकाले गए मार्च में कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारी जैसे ही सचिवालय की ओर बढ़े, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। मौके पर बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने पानी की बौछार कर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि इसके बावजूद भी प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए और काफी देर तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस नेता एवं विधायक प्रीतम सिंह, एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद धाकड़, प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी समेत करीब 50 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इसके बाद सचिवालय क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई के नेताओं ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं और सीबीएसई मूल्यांकन की खामियों ने हजारों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है लेकिन केंद्र सरकार जवाबदेही तय करने से बच रही है। छात्र संगठन ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।





