कासगंज, 12 जून 2026:
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कासगंज में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। एक उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे अखिलेश ने पूर्व सांसद कुंवर देवेंद्र सिंह यादव की सपा में वापसी भी कराई। इसके बाद आयोजित जनसभा में उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
जनसभा में अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। उनका दावा था कि अगर भाजपा यह चुनाव जीत गई तो देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। उन्होंने हाल के पश्चिम बंगाल चुनावों का जिक्र करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
महंगाई और ऊर्जा क्षेत्र का मुद्दा उठाते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि स्मार्ट सिटी का वादा पूरा नहीं हुआ, जबकि स्मार्ट बिजली मीटर लगाकर लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं और इथेनॉल मिश्रण से वाहनों के इंजन प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
विदेश नीति और आर्थिक फैसलों को लेकर भी अखिलेश ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भारत का बाजार दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में शामिल है, लेकिन आर्थिक नीतियां अमेरिका के प्रभाव में तय की जा रही हैं। उनका आरोप था कि भाजपा सरकार ने देश के बाजार हितों को कमजोर किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के नेता स्वदेशी की बात करते हैं, लेकिन उनकी सोच विदेशी प्रभाव से संचालित है।
प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकारी प्राथमिक स्कूलों की संख्या घट रही है, जबकि शराब की दुकानों का विस्तार हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली पर भी टिप्पणी की और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। कार्यक्रम के दौरान सपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। अखिलेश यादव ने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारी में जुटने का आह्वान किया।






