सोनीपत/लखनऊ, 22 जनवरी 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ गुरुवार को हरियाणा के सोनीपत स्थित मुरथल में बाबा नागे वाला धाम पहुंचे। मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए योगी ने संतों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को संबोधित किया। मंच पर पहुंचते ही नाथ संप्रदाय के संतों के नाम लेकर किए गए जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इसके बाद उन्होंने अष्टमहान भंडारे में भी सहभागिता की।
प्रयागराज में चल रहे माघ मेले और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद के बीच योगी ने बड़ा और सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक योगी, संत या संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बड़ा कुछ नहीं होता। संन्यासी की कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होती। उसकी असली संपत्ति धर्म है और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान है।

योगी ने नाथ संप्रदाय को भारत की सांस्कृतिक विरासत का सबसे प्राचीन और प्रभावशाली संप्रदाय बताते हुए कहा कि यह जनता को सही जीवन पद्धति सिखाता है।सनातन धर्म को मजबूत करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सनातन मूल्यों की ओर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुलामी और विदेशी ताकतों के प्रभाव से निकलकर भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में बढ़ रहा है। भारत मजबूत होगा तो सनातन धर्म मजबूत होगा। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। राजनीति ऐसे लोगों के हाथों में होनी चाहिए जो राष्ट्र को सशक्त बनाएं।
पिछले 11 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर निर्माण को ऐतिहासिक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर कभी कल्पना था लेकिन अच्छी सरकार के चलते वह आज हकीकत बन चुका है। अयोध्या में राम मंदिर की पताका लहरा रही है। काशी में भी सांस्कृतिक पुनर्जागरण हो रहा है। मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में चार करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले हजार वर्षों तक भारत का डंका बजेगा।
नशे के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए योगी ने कहा कि नशा युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा खतरा है। दुश्मन अब सीधे युद्ध से नहीं बल्कि नशे के जरिए युवाओं को बर्बाद करने की साजिश कर रहे हैं। सीमापार से आने वाले नशे और उसके सप्लायरों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि मुरथल नशा-मुक्त हो सकता है तो युवा पीढ़ी भी नशे से दूर रह सकती है।
धर्मांतरण और लव जिहाद पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लव जिहाद के नाम पर बेटियों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि केरल हाईकोर्ट भी इसे इस्लामिक राज्य बनाने की साजिश बता चुका है। इसे रोकने के लिए सनातन धर्म को मजबूत करना आवश्यक है। धर्म उपासना का विषय है, लेकिन इसे किसी पर थोपा नहीं जा सकता।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नदियां देवतुल्य हैं। उन्हें प्रदूषित करने का किसी को अधिकार नहीं। तालाबों और नदियों का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने हरियाणा में सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करने के प्रयासों की भी सराहना की। अपने संबोधन के अंत में योगी ने अयोध्या में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि हर मंदिर को धाम में बदलना हमारा दायित्व है। सनातन धर्म को विकृत करने वाली हर सोच के खिलाफ मोर्चा खोलकर जवाब दिया जाएगा।






