न्यूज डेस्क, 12 जून 2026:
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कथित सांप्रदायिक टिप्पणी को लेकर कोलकाता के हरे स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2026 में दिए गए एक राजनीतिक भाषण के दौरान उनकी कुछ टिप्पणियों से सांप्रदायिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
इसी बीच भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस में बड़े स्तर पर अंदरूनी मतभेद होने का दावा किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि 20 लोकसभा सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक दस्तावेज सामने आया है, जिससे पता चलता है कि पार्टी के भीतर एक अलग धड़ा सक्रिय है।
उन्होंने दावा किया कि इस समूह का नेतृत्व काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं। पूनावाला ने आरोप लगाया कि पार्टी में परिवारवाद बढ़ने की वजह से असंतोष पैदा हुआ है। उनके मुताबिक कई सांसद, विधायक और कुछ राज्यसभा सदस्य भी अलग रुख अपना चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ रही है।
भाजपा का यह बयान ऐसे समय आया है जब तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजे गए पत्र को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा चल रही है। हालांकि टीएमसी की तरफ से इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ममता बनर्जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर और टीएमसी में कथित अंदरूनी खींचतान के मुद्दे ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पार्टी के अगले कदम पर टिकी है।






