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पाकिस्तान जेल से रिहा हुए 22 मछुआरे, आज बाघा बॉर्डर के रास्ते वापिस आ सकते हैं भारत।

नई दिल्ली, 22 फरवरी 2025

पाकिस्तान की करांची स्थिति मालार जेल में सजा काट रहें 22 मछवारों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया।एक स्थानीय समाचार पत्र ने मछुआरों की रिहाई के बारे में मलीर जेल अधीक्षक अरशद शाह का हवाला देते हुए बताया कि मछवारों को सजा पूरी होने के बाद शुक्रवार को रिहाई दी गई। जानकारी के मुताबिक सभी मछवारों को बाघा बॉर्डर के रास्ते से आज भारत को सोपा जा सकता हैं।

ये सभी मछुवारें गलती से निर्धारित की गई समुद्री सीमाओं को पार कर गए थे जिन्हे पाकिस्तानी नौसेना ने गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को इन सभी कैदियों को रिहा कर दिया जिन्हे बाघा बॉर्डर में भारतीय अधिकारीयों को सौपा जायेगा। फिर इन्हे घर भेजने की कार्रवाई होगी।

बाघा बॉर्डर से होती है रिहाई

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पाकिस्तानी अधिकारी जेल में बंद कैदियों की रिहाई बाघा बॉर्डर से करते हैं भारतीय मछुआरों को वापस भेजते हैं। जहां भारतीय अधिकारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उनकी घर वापसी का इंतजाम करतें हैं । दोनों देश नियमित रूप से मछुआरों को गिरफ्तार करते हैं, जो अक्सर अनजाने में समुद्री सीमाओं को पार कर जाते हैं।

भारत और पाकिस्तान के बीच समुद्री सीमा गुजरात के कच्छ क्षेत्र से लगती है, जिसे अरब सागर में विभाजित करने के लिए मरीटाइम बाउंड्री लाइन (Maritime Boundary Line – MBL) तय की गई है।यह एक विवादित क्षेत्र है,जो गुजरात और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच स्थित है।दोनों देशों की समुद्री सीमाओं की स्पष्ट पहचान न होने के कारण मछुआरे अक्सर अनजाने में सीमा पार कर जाते हैं।

इस समय भारत-पाकिस्तान में बंद हैं इतने कैदी

एक जनवरी को दोनों देशों ने जेल में बंद कैदियों की लिस्ट का आदान-प्रदान किया था, जिसके अनुसार- पाकिस्तान में 266 भारतीय कैदी हैं, जिनमें 49 नागरिक कैदी और 217 मछुआरे थे। वहीं, भारतीय जेलों में कुछ 462 पाकिस्तानी कैदी बंद हैं, जिनमें 381 नागरिक कैदी और 81 मछुआरे हैं।

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