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ईगास-बग्वाल से गूंजेगा उत्तराखण्ड : 1 नवंबर से रजत जयंती वर्ष के भव्य कार्यक्रमों की शुरुआत

मुख्यमंत्री आवास में होगा ईगास पर्व का मुख्य आयोजन, CM धामी के साथ लोक कलाकार और संस्कृति प्रेमी होंगे शामिल, राज्य की पारंपरिक लोककला, लोकसंगीत और लोकनृत्य को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास

देहरादून, 30 अक्टूबर 2025:

उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को संजीवित करने के उद्देश्य से इस वर्ष ईगास-बग्वाल पर्व पूरे राज्य में विशेष उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस संबंध में गुरुवार को उत्तराखण्ड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती मधु भट्ट ने जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि एक नवम्बर को मुख्यमंत्री आवास में ईगास पर्व का मुख्य आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ किया जाएगा। इसमें सीएम पुष्कर सिंह धामी के साथ कई जनप्रतिनिधि, लोक कलाकार और संस्कृति प्रेमी भाग लेंगे।

श्रीमती भट्ट ने कहा कि ईगास-बग्वाल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, लोक आस्था और सामूहिक एकता का प्रतीक है। इसी दिन से उत्तराखण्ड राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष के कार्यक्रमों की भी औपचारिक शुरुआत होगी।

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रजत जयंती वर्ष के तहत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम देहरादून स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र में 1 नवंबर से 9 नवंबर तक आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में उत्तराखण्ड के विभिन्न जिलों के कलाकारों के साथ-साथ अन्य हिमालयी राज्यों के लोक दल और कलाकार भी हिस्सा लेंगे।

इस आयोजन का उद्देश्य राज्य की पारंपरिक लोककला, लोकसंगीत और लोकनृत्य को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा धारण करें, लोकभोजन तैयार करें और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर ईगास पर्व को लोक महोत्सव के रूप में मनाएं।

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