लखनऊ/नोएडा, 14 जून 2026:
यूपी के विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे के इतिहास में 15 जून यानी सोमवार का दिन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बनने जा रहा है। योगी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से कल से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत होगी। इसके साथ ही देश के सबसे बड़े एविएशन, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी केंद्र के रूप में यूपी अपनी नई पहचान की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाएगा।
लखनऊ से कल सुबह एक घंटे में पहुंचेगी पहली फ्लाइट
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो एयरपोर्ट से अपनी सेवाएं शुरू करने वाली पहली एयरलाइन बनेगी। उद्घाटन दिवस पर पहली उड़ान सुबह 7:05 बजे लखनऊ से रवाना होकर 8:05 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेगी। इसके बाद एयरपोर्ट से बेंगलुरु के लिए पहली नियमित वाणिज्यिक उड़ान संचालित की जाएगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित विकास मॉडल का प्रतीक माना जा रहा है। पीएम मोदी ने इस परियोजना को उत्तर प्रदेश के साथ ही पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक विकास के लिए ऐतिहासिक बताया था। उन्होंने कहा था कि जेवर एयरपोर्ट विकसित भारत के संकल्प को गति देने के साथ-साथ प्रदेश को वैश्विक निवेश, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एयरपोर्ट के लिए ली गई 1334 हेक्टेयर जमीन
सीएम योगी के नेतृत्व में विकसित यह परियोजना आज प्रदेश के तेजी से बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर परिदृश्य की पहचान बन चुकी है। गौतमबुद्ध नगर जिले में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में विकसित इस एयरपोर्ट के लिए लगभग 1334 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया। राज्य सरकार ने विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा कराया।
पहले चरण में बना एक रनवे और अत्याधुनिक टर्मिनल भवन
एयरपोर्ट का पहला चरण पूरी तरह तैयार हो चुका है। पहले चरण में इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 1.2 करोड़ होगी। डीजीसीए द्वारा 6 मार्च 2026 को एयरपोर्ट को एयरोड्रोम लाइसेंस भी जारी किया जा चुका है। वर्तमान चरण में एक रनवे, अत्याधुनिक टर्मिनल भवन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर सहित सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
चार चरणों में विकसित होगा पूरा एयरपोर्ट
चार चरणों में विकसित हो रही इस परियोजना की क्षमता वर्ष 2031 तक तीन करोड़, 2036 तक पांच करोड़ और 2040 तक सात करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने की योजना है। अंतिम विस्तार के बाद एयरपोर्ट पर पांच रनवे होंगे और इसकी कुल क्षमता 22.5 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो जाएगा।
NCR क्षेत्र के तीसरे एयरपोर्ट से जुड़ेंगे 16 से अधिक शहर
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के तीसरे एयरपोर्ट के रूप में विकसित यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के लाखों यात्रियों को नया विकल्प प्रदान करेगी। इंडिगो चरणबद्ध तरीके से एयरपोर्ट को लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद, अमृतसर, चंडीगढ़, धर्मशाला, जयपुर, नवी मुंबई, पंतनगर और श्रीनगर समेत 16 से अधिक शहरों से जोड़ेगी।
राज्य सरकार के अनुसार इस परियोजना से लगभग एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, हॉस्पिटैलिटी और सेवा क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसर भी तेजी से बढ़ रहे हैं। आने वाले वर्षों में जेवर क्षेत्र उत्तर भारत के सबसे बड़े औद्योगिक और सेवा क्षेत्र केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में अग्रसर है।






