Lucknow City

नेपाल बॉर्डर से बुंदेलखंड तक दौड़ेगा विकास का हाईवे… 1531 KM नार्थ-साउथ कॉरिडोर मिशन तैयार

योगी सरकार चार बड़े कॉरिडोर से बदलेगी यूपी की तस्वीर, किसानों-उद्योगों-पर्यटन को मिलेगा सीधा लाभ, एक्सप्रेस-वे मॉडल पर नए भारत का रोडमैप

लखनऊ, 26 मई 2026:

यूपी में सड़क क्रांति को नई रफ्तार देने के लिए योगी सरकार अब नार्थ-साउथ कॉरिडोर की महत्वाकांक्षी योजना लेकर आगे बढ़ रही है। एक्सप्रेस-वे और नेशनल हाईवे के जरिए पूर्व से पश्चिम तक मजबूत कनेक्टिविटी स्थापित करने के बाद अब सरकार की नजर उत्तर से दक्षिण दिशा में हाई-स्पीड रोड नेटवर्क तैयार करने पर है।

इस योजना के जरिए नेपाल बॉर्डर से लेकर बुंदेलखंड होते हुए देश के दक्षिणी राज्यों तक संपर्क को मजबूत किया जाएगा। सीएम योगी ने हाल ही में लोक निर्माण विभाग (PWD) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मजबूत सड़क नेटवर्क ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए जिससे दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश में वर्तमान सड़क नेटवर्क का बड़ा हिस्सा पूर्व-पश्चिम दिशा में विकसित है। ऐसे में संतुलित विकास के लिए अब उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी पर फोकस किया जा रहा है। इसके तहत नेपाल सीमा से जुड़े जिलों को प्रयागराज, चित्रकूट और बुंदेलखंड के रास्ते मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों से जोड़ा जाएगा।

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सरकार ने इस योजना के तहत चार बड़े नार्थ-साउथ कॉरिडोर चिह्नित किए हैं। इनकी कुल लंबाई लगभग 1531 किलोमीटर होगी। इनमें से 1232.60 किलोमीटर सड़कें पहले से एक्सप्रेस-वे या नेशनल हाईवे नेटवर्क से जुड़ी हुई हैं। शेष हिस्सों के निर्माण और चौड़ीकरण की तैयारी चल रही है।

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पहले कॉरिडोर में कुशीनगर से देवरिया, नोएडा, गाजीपुर से होते हुए जमानिया मार्ग को शामिल किया गया है। इसकी कुल लंबाई 220 किलोमीटर है। इसमें 53.25 किलोमीटर हिस्से को मंजूरी मिल चुकी है। करीब 464 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है। दूसरा कॉरिडोर पीपरी (इंडिया-नेपाल बॉर्डर) से बांसी और सिद्धार्थनगर होते हुए प्रयागराज तक प्रस्तावित है। इसकी लंबाई 295 किलोमीटर होगी।

तीसरे कॉरिडोर में लखीमपुर से सीतापुर, लखनऊ, नवाबगंज होते हुए बांदा मार्ग को शामिल किया गया है। इसके अलावा चौथा कॉरिडोर मुरादाबाद, शाहजहांपुर, उरई और हमीरपुर को जोड़ेगा। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से किसानों को बड़े बाजार मिलेंगे।

इसके साथ उद्योगों को तेज परिवहन सुविधा मिलेगी और धार्मिक-पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे के बाद अब योगी सरकार नार्थ-साउथ कॉरिडोर के जरिए यूपी की विकास यात्रा को नई दिशा देने की तैयारी में है।

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