लखनऊ, 21 मई 2026:
यूपी में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और तापमान के खतरनाक स्तर को देखते हुए सीएम योगी ने प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि हीट स्ट्रोक, निर्जलीकरण और गर्मी से जुड़ी घटनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग, राहत एजेंसियों और फायर विभाग को समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि अस्पतालों, पेयजल व्यवस्था और बिजली आपूर्ति की लगातार निगरानी की जाए क्योंकि गर्मी के इस दौर में आम जनता सबसे ज्यादा बिजली कटौती और पानी की समस्या से परेशान होती है।
सीएम योगी ने सभी डीएम को अपने-अपने जिलों में रोजाना समीक्षा करने और शिकायत मिलते ही तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा है। सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त दवाएं, बेड, आईवी फ्लूइड और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही एंबुलेंस सेवाओं को भी पूरी तरह सक्रिय रखने को कहा गया है जिससे आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने बच्चों और बुजुर्गों को सबसे संवेदनशील वर्ग बताते हुए उनके विशेष संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों से कहा है कि दोपहर के समय बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें। उन्हें लगातार पानी पिलाते रहें। बुजुर्गों को भी तेज धूप से बचाने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई है। सीएम ने लोगों से हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, अधिक पानी पीने, ओआरएस और नींबू पानी का सेवन करने तथा धूप में निकलते समय सिर ढकने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने आग लगने की बढ़ती घटनाओं पर भी चिंता जताई और खेतों, बाजारों, गोदामों व रिहायशी इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। वहीं श्रमिकों और मजदूरों के लिए कार्यस्थलों पर पेयजल, छाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जनता की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।






