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ट्रंप के शांति समझौते के दावे पर ईरान का यू-टर्न, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ा सस्पेंस

अमेरिका ने समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट खोलने और ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को निष्क्रिय करने का दावा किया, जबकि ईरान ने कहा- अभी तारीख तय नहीं, बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले से चार बड़े बैंक प्रभावित

न्यूज डेस्क, 14 जून 2026:

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर रविवार को नया विवाद सामने आ गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच आज ही शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं। इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट को सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि हालात सामान्य होने के बाद अमेरिका ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को निकालकर नष्ट करेगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह प्रक्रिया सफल नहीं हुई तो अमेरिका के पास आखिरी विकल्प भी मौजूद है जिसका उपयोग वह दोबारा नहीं करना चाहता। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावों को खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि रविवार को किसी शांति समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है। समझौता अगले कुछ दिनों में हो सकता है लेकिन अभी इसकी कोई अंतिम तारीख तय नहीं हुई है। रिपोर्टों के अनुसार पहले एक अंतरिम एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद 60 दिनों तक ईरान के परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत और होर्मुज स्ट्रेट के संचालन जैसे मुद्दों पर तकनीकी स्तर की बातचीत चलेगी।

ईरान ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से वहां उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के बदले शुल्क या टैक्स वसूला जा सकता है। बघाई ने कहा कि तेहरान समुद्री मार्ग में आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नए नियम लागू कर रहा है।

इस बीच भारत ने भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमलों के आरोपों को लेकर दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने भारतीय जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। दूसरी ओर मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान ने इस्फहान परमाणु केंद्र में रखे हाईली एनरिच्ड यूरेनियम तक पहुंचने वाली कई सुरंगों को बंद कर दिया है और मार्गों पर विस्फोटक माइंस बिछा दी हैं।

ईरान के बैंकिंग कोऑर्डिनेशन काउंसिल ने भी खुलासा किया कि हालिया साइबर हमले के कारण देश के चार बड़े बैंकों मेली बैंक, तेजरात बैंक, सदरात बैंक और एक्सपोर्ट डेवलपमेंट बैंक ऑफ ईरान की कुछ सेवाएं प्रभावित हुई हैं। हालांकि अधिकारियों ने दावा किया कि ग्राहकों का डेटा सुरक्षित है। सेवाओं को बहाल करने के लिए तकनीकी टीमें लगातार काम कर रही हैं।

गौरतलब है कि फरवरी में शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद होर्मुज स्ट्रेट बंद कर दिया गया था। अप्रैल में सीजफायर के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और हाल के दिनों में हमले व जवाबी हमलों की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं।

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