अनिल निषाद
अयोध्या, 14 जून 2026:
राम मंदिर के चढ़ावे और दान से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग उठाई है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कारागार राज्य मंत्री सुरेश राही ने सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर भरोसा जताते हुए कहा है कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
सिविल लाइन स्थित होटल शाने अवध में आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि उन्हें एसआईटी जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र समिति गठित की जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने तक राम मंदिर ट्रस्ट के जिम्मेदार पदाधिकारियों को पद से हटाया जाए ताकि जांच प्रभावित न हो सके। साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की भी मांग की।
वहीं, अयोध्या पहुंचे प्रदेश के कारागार राज्य मंत्री सुरेश राही ने रामलला के दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है और जांच पूरी होने के बाद तथ्य स्वयं सामने आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और किसी भी मामले में सत्य सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष होगी और जो भी तथ्य होंगे, वे जनता के सामने रखे जाएंगे।






