
अनिल निषाद
अयोध्या, 2 जुलाई 2026:
राम मंदिर के चढ़ावे में घपले के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। वकीलों ने प्रदर्शन कर चंपत राय व गोपाल राव पर एफआईआर दर्ज करने की मांग रखी। वहीं पुलिस व एसआईटी जांच के बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े ट्रस्ट के भीतर भी विवाद खुलकर सामने आने लगा है। पहली बार ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव पर सीधे सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जिम्मेदारी उन पर डाल दी।
महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि गोपाल राव की कार्यशैली की वजह से यह स्थिति बनी है। उनका आरोप है कि वह बेवजह विवाद खड़े करते हैं, राजनीति करते हैं, लोगों को उलझाते हैं, जबकि राम की परंपरा के मुताबिक काम नहीं करते। गोपाल राव ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य रह चुके हैं। साथ ही राम मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
उधर, मामले को लेकर अयोध्या में अधिवक्ताओं का गुस्सा भी सड़क पर दिखाई दिया। 500 से ज्यादा वकीलों ने प्रदर्शन करते हुए चंपत राय, डॉ अनिल मिश्रा, गोपाल राव समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने सिविल लाइन चौकी पहुंचकर शिकायत पत्र सौंपा।

अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया है। इस बीच प्रशासन भी आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने ऐसे मकानों की पहचान की है, जिनका नक्शा स्वीकृत नहीं है या निर्माण नियमों का पालन नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार आरोपी लवकुश मिश्रा का शहादतगंज स्थित निर्माणाधीन मकान और अनुकल्प मिश्रा का कौशलपुरी स्थित मकान प्रशासन के रडार पर हैं। दोनों संपत्तियों को नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है। इसके बाद नियमों के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।






