
न्यूज डेस्क, 2 जुलाई 2026:
दिल्ली में हर साल सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले Air Pollution पर काबू पाने के लिए सरकार ने स्थायी Winter Action Plan लागू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत अब हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कई नियम अपने आप लागू हो जाएंगे। इससे हर बार अलग से आदेश जारी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वहीं लोगों, कारोबारियों, दफ्तरों, निर्माण एजेंसियों को पहले से तैयारी का मौका मिलेगा।
सबसे बड़ा बदलाव वाहनों को लेकर किया गया है। अब जिन गाड़ियों के पास वैध Pollution Under Control यानी PUC सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी नहीं मिलेगी। नियमों का पालन कराने के लिए फिजिकल जांच के साथ सरकारी डिजिटल रिकॉर्ड का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
सर्दियों में वाहनों की संख्या कम करने के लिए सरकारी, निजी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों के लिए Work From Home लागू किया जाएगा। यह व्यवस्था 1 नवंबर से 31 जनवरी तक प्रभावी रहेगी। भीड़ कम करने के मकसद से अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के कामकाज का समय भी बदला जाएगा। निजी कंपनियों को Carpooling, Ride Sharing और Public Transport को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है।

सरकार 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल फैलाने वाले निर्माण कार्यों, तोड़-फोड़ की गतिविधियों पर भी रोक लगाएगी। हालांकि जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े काम जारी रह सकेंगे। यदि तय Dust Control नियमों का पालन किया जाता है तो निर्माण स्थल के भीतर प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल, इंटीरियर फिनिशिंग जैसे काम करने की अनुमति रहेगी।
निर्माण स्थल के बाहर मलबा फेंकने पर रोक रहेगी। रेत, सीमेंट, ईंट समेत निर्माण सामग्री लेकर आने वाले कई वाहनों की दिल्ली में एंट्री भी सीमित की जाएगी। सरकार 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच सबसे सख्त प्रतिबंध लागू करने की तैयारी में है क्योंकि इसी दौरान प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा रहता है।
निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए 1 नवंबर से 28 फरवरी तक दिल्ली की अधिकृत पार्किंग में Parking Fee दोगुनी कर दी जाएगी। हालांकि दिल्ली मेट्रो की पार्किंग इस व्यवस्था से बाहर रहेगी ताकि लोग Public Transport का ज्यादा इस्तेमाल करें।
खुले में कचरा, पत्तियां या बायोमास जलाने पर भी सख्त कार्रवाई होगी। यदि किसी RWA, हाउसिंग सोसाइटी, संस्था या ठेकेदार के क्षेत्र में ऐसा होता है तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। रात के समय ऐसी घटनाओं पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि Winter Action Plan पिछले कई वर्षों के Air Quality आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद तैयार किया गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछली तीन सर्दियों में दिल्ली का औसत AQI 312 से 342 के बीच रहा, जबकि कई बार यह 494 तक पहुंच गया। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का कहना है कि नई व्यवस्था से हर साल GRAP के तहत बदलने वाले नियमों को लेकर होने वाली उलझन कम होगी, साथ ही प्रदूषण रोकने के कदम तय समय पर लागू किए जा सकेंगे।






