लखनऊ, 15 जून 2026:
विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक भावुक और संवेदनशील पत्र लिखकर समाज को आत्ममंथन का संदेश दिया है। ‘योगी की पाती’ के नाम से सोमवार को लिखे इस पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज घर सूने होते जा रहे हैं। वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ रही है। यह स्थिति केवल चिंताजनक ही नहीं अपितु समाज को भीतर तक झकझोरने वाली है।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जीवन भर संघर्ष और त्याग करने वाले माता-पिता अक्सर उम्र के अंतिम पड़ाव पर अकेले पड़ जाते हैं। आधुनिक जीवनशैली और रोजगार की मजबूरियों के कारण युवा घर से दूर रहते हैं। इससे वृद्ध माता-पिता को अपेक्षित साथ और सेवा नहीं मिल पाती। ऐसे समय में उन्हें सबसे अधिक अपनत्व, सम्मान और सहारे की आवश्यकता होती है लेकिन दुर्भाग्य से कई बार उन्हें अपनों के दुर्व्यवहार का भी सामना करना पड़ता है।
सीएम योगी ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि माता-पिता और गुरु को साक्षात ईश्वर का दर्जा दिया गया है। उन्होंने भगवान गणेश की कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि गणेश जी ने माता-पिता को ही संपूर्ण सृष्टि मानकर उनकी परिक्रमा की थी, जिसके कारण उन्हें प्रथम पूज्य होने का गौरव प्राप्त हुआ। वहीं श्रवण कुमार और भगवान श्रीराम के उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने पारिवारिक मूल्यों और माता-पिता के सम्मान की भारतीय परंपरा को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ों का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने की परंपरा केवल एक सामाजिक व्यवहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, अनुभव और जीवन मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। वृद्धजनों का सम्मान हमारी सभ्यता और संस्कारों की पहचान है।
उन्होंने वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही निराश्रित महिलाओं को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना तथा आवास योजनाओं से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ नागरिकों से योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ है। यह वृद्धजनों के स्वास्थ्य, सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन के वैश्विक संकल्प का प्रतीक है।






