बिजनेस डेस्क, 15 जून 2026:
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार ने दमदार शुरुआत की। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव कम होने की खबरों के बाद निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मजबूत बढ़त के साथ खुले।
शुरुआती कारोबार में रुपया भी डॉलर के मुकाबले 53 पैसे मजबूत होकर कारोबार करता दिखा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स खुलते ही 1000 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 330 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। बाजार में सबसे ज्यादा तेजी विमानन, वित्तीय सेवाओं, ऑटोमोबाइल और पेंट सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली।
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में इंडिगो, ईटरनल, बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स के शेयरों ने बढ़त दर्ज की। वहीं निफ्टी में श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, ईटरनल, बजाज फाइनेंस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयरों में शामिल रहे।
वैश्विक बाजारों में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबर के बाद जापान का निक्केई सूचकांक करीब 4 फीसदी की छलांग लगाकर रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 4.3 फीसदी मजबूत हुआ, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स-200 सूचकांक भी बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
बाजार की तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भी बड़ी वजह रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड तीन डॉलर से ज्यादा टूटकर 83.88 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी क्रूड 80.93 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से ऊर्जा बाजार पर दबाव घटा है। इससे आयात पर निर्भर देशों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि उनका मानना है कि युद्ध के दौरान सप्लाई चेन पर पड़े असर को पूरी तरह सामान्य होने में अभी कुछ समय लग सकता है।






