
हाथरस, 28 जून 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस के सिकंदराराऊ और सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में 548 करोड़ रुपये से ज्यादा की 143 Development Projects का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अयोध्या को रामभक्तों ने संवारा है। अगर पश्चाताप हो तो एक बार रामलला के दर्शन कर लीजिए, शायद सद्बुद्धि आ जाए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को मकानों की चाबी, युवाओं को स्मार्टफोन, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत चेक और आयुष्मान कार्ड वितरित किए। विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का निरीक्षण करते समय उन्होंने एक नन्ही बच्ची को गोद में लेकर चम्मच से दूध भी पिलाया। उनका ये अंदाज सबको भाया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी अब अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रही है, जबकि उसी पार्टी की सरकार में रामभक्तों पर गोलियां चली थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया गया, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन बंद कराए गए और कांवड़ यात्रा तक पर रोक लगाई गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज अयोध्या दुनिया भर के श्रद्धालुओं का बड़ा केंद्र बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी वास्तव में धार्मिक आस्था का सम्मान करती है तो उसे खुलकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में भी बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे राम जन्मभूमि आंदोलन चला था, उसी तरह श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए भी आवाज उठाने का साहस दिखाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले मंदिरों के विकास की बजाय सरकारी पैसा कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल पर खर्च किया जाता था। उनकी सरकार ने वही धन मंदिरों के विकास और सौंदर्यीकरण में लगाया। हाथरस में 22 से ज्यादा मंदिरों का सुंदरीकरण इसका उदाहरण है।
विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने हमेशा ऐसे फैसले किए जो समाज और राष्ट्रहित के खिलाफ रहे। उन्होंने 1975 के आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान की सबसे बड़ी हत्या कांग्रेस ने की थी। उस समय लोकतंत्र की आवाज उठाने वाले नेताओं को जेल भेज दिया गया था। उन्होंने कहा कि आज समाजवादी पार्टी उसी कांग्रेस के साथ खड़ी होकर अपनी पुरानी विरासत का भी अपमान कर रही है।
कानून व्यवस्था पर बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगे, कर्फ्यू और माफिया से होती थी। आज प्रदेश विकास और सुरक्षा का मॉडल बन चुका है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मोहर्रम के दौरान प्रदेशभर में करीब 12 हजार जुलूस निकले, लेकिन कहीं भी दंगा, उपद्रव या कर्फ्यू जैसी स्थिति नहीं बनी। सरकार ने व्यवस्थाओं में सुधार कर आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था की वजह से प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है। हाथरस भी तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है। मथुरा-बरेली फोरलेन बनने से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके तैयार होंगे।

उन्होंने किसानों के लिए भी कई घोषणाएं कीं। कहा कि हाथरस में आलू प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसानों को कोल्ड स्टोरेज पर कम निर्भर रहना पड़ेगा और उन्हें अपनी फसल का बेहतर दाम मिलेगा। आगरा में इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर और वाराणसी में इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट की मंजूरी मिलने से खेती को भी नई ताकत मिलेगी। डबल इंजन सरकार बिना किसी भेदभाव के हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। मुफ्त राशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, शौचालय, आयुष्मान कार्ड और युवाओं के लिए रोजगार की योजनाएं इसका उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के युवा दूसरे राज्यों में अपनी पहचान बताने से बचते थे, लेकिन आज प्रदेश की पहचान कानून व्यवस्था, निवेश और तेजी से हो रहे विकास से बन रही है। अपराधियों और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के कारण उत्तर प्रदेश आज दंगा मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और माफिया मुक्त प्रदेश के रूप में नई पहचान बना चुका है।
कार्यक्रम में सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, विधायक अंजुला सिंह माहौर, विधायक बीरेंद्र सिंह राणा, विधायक प्रदीप कुमार, वरिष्ठ नेता दिनेश शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा, लोकदल जिलाध्यक्ष श्याम चौधरी, अपना दल (एस) के जिलाध्यक्ष रवि सारस्वत सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






