
बिजनेस डेस्क, 29 जून 2026:
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में सुबह से ही काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सतर्क शुरुआत के बाद कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी लगातार हरे और लाल निशान के बीच झूलते रहे। शुरुआती घंटों में सेंसेक्स करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ 77,200 के स्तर तक पहुंचा लेकिन बाद में बिकवाली हावी होने से यह 71 अंक टूटकर 77,029 तक फिसल गया। वहीं निफ्टी भी 24,105 तक चढ़ने के बाद 24,005 के स्तर तक लुढ़क गया।
बाजार पर सबसे अधिक दबाव कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और इंडिगो जैसे दिग्गज शेयरों में आई गिरावट का दिखा। दूसरी ओर ट्रेंट में 2.62 प्रतिशत और इटरनल में 1.86 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा सन फार्मा, टाटा स्टील और एनटीपीसी के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाए रखा।
विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों की सतर्कता के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। सप्ताहांत में दोनों देशों के बीच हुए नए हमलों और युद्धविराम उल्लंघन के आरोपों ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। इसी वजह से सोमवार को अधिकांश एशियाई शेयर बाजार दबाव में कारोबार करते दिखे जबकि अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी कमजोरी रही।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड 0.67 प्रतिशत की तेजी के साथ 72.51 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) 1.03 प्रतिशत चढ़कर 69.94 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बढ़ती तेल कीमतों ने महंगाई और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता की आशंकाओं को भी बढ़ा दिया है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को मोहर्रम की छुट्टी के कारण घरेलू शेयर बाजार बंद रहे थे। इससे पहले गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 109.25 अंक और एनएसई निफ्टी 34.35 अंक की मामूली बढ़त के साथ बंद हुए थे। अब निवेशकों की नजर इस सप्ताह प्रस्तावित अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर टिकी है क्योंकि इसके नतीजे वैश्विक बाजारों और भारतीय शेयर बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।





