बिजनेस डेस्क, 4 जून 2026:
घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा और कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। शुरुआती सत्र में बीएसई सेंसेक्स 500 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 24,300 के स्तर से नीचे फिसल गया।
सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स 284.51 अंक की गिरावट के साथ 74,061.66 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 67.25 अंक टूटकर 23,338.35 अंक पर पहुंच गया। इस दौरान रुपये ने हल्की मजबूती दिखाई और डॉलर के मुकाबले 7 पैसे की बढ़त के साथ 95.69 पर खुला।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 गिरावट के साथ खुले। ट्रेंट में सबसे ज्यादा 1.39 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई। इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, इंडिगो, सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक और एचसीएल टेक के शेयर भी दबाव में रहे।
दूसरी तरफ अडानी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, इटरनल, टेक महिंद्रा, टाइटन, बीईएल, टीसीएस, एनटीपीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में बढ़त देखने को मिली, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला।
ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.22 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स में आईटी, रियल्टी और प्राइवेट बैंक सबसे ज्यादा दबाव में रहे। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑयल एंड गैस और केमिकल सेक्टर के शेयरों में खरीदारी दिखी।
बाजार में कमजोरी की बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ी तल्खी ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसके असर से दुनियाभर के बाजारों में सतर्कता का माहौल है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में मामूली नरमी दर्ज की गई, लेकिन निवेशकों का रुख फिलहाल सावधानी भरा बना हुआ है।
अब बाजार की नजर आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर है। निवेशक ब्याज दरों और केंद्रीय बैंक के रुख को लेकर आने वाले संकेतों का इंतजार कर रहे हैं, जिनका असर अगले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय कर सकता है।






