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वेटलैंड संरक्षण में बड़ी छलांग : UP के 26 जिलों की 101 आर्द्रभूमियां हुईं नोटिफाइड

75 जिलों में 14,562 स्थानों पर पूरा हुआ सीमा निर्धारण, 44 नई आर्द्रभूमियों को अधिसूचित करने का प्रस्ताव, रामसर साइट का दर्जा दिलाने की तैयारी तेज

लखनऊ, 29 जून 2026:

यूपी में आर्द्रभूमियों (वेटलैंड) के संरक्षण और विकास को लेकर योगी सरकार ने अभियान तेज कर दिया है। वेटलैंड (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम-2017 के तहत प्रदेशभर में आर्द्रभूमियों की पहचान, सीमांकन और अधिसूचना की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्य सचिव के समक्ष हुए प्रस्तुतीकरण के अनुसार अब तक 75 जिलों में से 26 जिलों की 101 आर्द्रभूमियों को अधिसूचित किया जा चुका है। इनमें कानपुर नगर, गोरखपुर, बाराबंकी, महाराजगंज, प्रयागराज, आगरा, सहारनपुर, कुशीनगर और उन्नाव समेत कई जिले शामिल हैं। इन वेटलैंड का क्षेत्रफल लगभग 2,750 हेक्टेयर है।

सरकार को 36 जिलों से 44 नए वेटलैंड को अधिसूचित करने के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। उन पर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही वैज्ञानिक तरीके से सीमांकन कर अतिक्रमण रोकने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में 14,562 स्थानों पर सीमा निर्धारण का कार्य पूरा किया जा चुका है।

वेटलैंड केवल तालाब या झील नहीं हैं अपितु जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, सिंचाई, बाढ़ और सूखे के प्रभाव को कम करने, मत्स्य पालन और अन्य आजीविका के साधन उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाती हैं। ये प्रवासी पक्षियों और वन्यजीवों के सुरक्षित आवास होने के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव कम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

योगी सरकार प्रदेश की प्रमुख वेटलैंड्स को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में भी सक्रिय है। इसके लिए रामसर साइट के मानकों के अनुरूप आवश्यक दस्तावेज, मानचित्र, फोटोग्राफ और अन्य तकनीकी जानकारी तैयार की जा रही है जिससे उत्तर प्रदेश की अधिक से अधिक आर्द्रभूमियों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सके।

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