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एसएस जीना विश्वविद्यालय के तीन परिसरों को मिली नई ताकत, सरकार ने दी 244 पदों की सौगात

बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़ परिसरों में पहली बार स्थायी शैक्षणिक-प्रशासनिक ढांचा तैयार, शिक्षण और शोध गतिविधियों को मिलेगा बड़ा बल

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 30 जून 2026:

उत्तराखंड सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए अल्मोड़ा स्थित सोबन सिंह (एसएस) जीना विश्वविद्यालय के नवसृजित बागेश्वर, चम्पावत और पिथौरागढ़ परिसरों के लिए शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग में 244 नए पद सृजित कर दिए हैं। इस निर्णय से तीनों परिसरों को पहली बार स्थायी शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचा मिलेगा। इससे शिक्षण, शोध और प्रशासनिक कार्यों में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।

उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार बागेश्वर परिसर के लिए यूजीसी मानकों के अनुरूप शैक्षणिक संवर्ग में 38 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 29 असिस्टेंट प्रोफेसर, 8 एसोसिएट प्रोफेसर और 1 प्रोफेसर शामिल हैं। चम्पावत परिसर को 31 पद मिले हैं जिनमें 30 असिस्टेंट प्रोफेसर और 1 एसोसिएट प्रोफेसर का पद है। सबसे अधिक 95 शैक्षणिक पद पिथौरागढ़ परिसर के लिए स्वीकृत हुए हैं। इनमें 59 असिस्टेंट प्रोफेसर, 20 एसोसिएट प्रोफेसर और 16 प्रोफेसर शामिल हैं।

शिक्षणेत्तर संवर्ग में भी व्यापक विस्तार किया गया है। बागेश्वर के लिए 22, चम्पावत के लिए 17 और पिथौरागढ़ के लिए 41 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें पुस्तकालयाध्यक्ष, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सहायक लेखाकार, प्रधान एवं कनिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला सहायक, वैयक्तिक सहायक, माली, परिचर और अनुसेवक जैसे पद शामिल हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि नए पदों के सृजन से तीनों परिसरों में शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां अधिक प्रभावी, व्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संचालित होंगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय विश्वविद्यालय के विस्तार को नई गति देगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शोध सुविधाएं तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगा।

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